उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनावों ने गांवों की खुली आबोहवा में भी कोरोना वायरस का जहर घोल दिया है। एक पखवारे से भी ज्यादा मुद्दत तक प्रत्याशी और प्रचारकों की धमाचैकड़ी से आबाद रहे गांव अब इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।
चुनाव के बाद संक्रमण की रफ्तार शहर से कहीं ज्यादा गांवों में तेजी पकड़ रही है। बांदा जिले के ताजे आंकड़े इसके गवाह हैं। चुनाव के पूर्व पिछले माह तक जहां जनपद में संक्रमण की दर मात्र 35 फीसदी थी, वहीं अब यह बढ़कर 70 फीसदी तक पहुंच गई है।