कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में एक बार फिर बांदा जेल में निरुद्ध सजायाफ्ता व विचाराधीन बंदियों को पैरोल पर रिहा करने की कवायद हो गई। जल्द एक सैकड़ा से अधिक बंदी पैरोल पर रिहा हो सकते हैं। फिलहाल जेल प्रशासन को शासन के आदेश का इंतजार है।
पिछले वर्ष कोरोना काल में 41 बंदियों को आठ सप्ताह की पैरोल पर रिहा किया गया था। कोरोना संक्रमण की पहली लहर में बड़ी संख्या में जेल में निरुद्ध बंदियों के संक्रमित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले वर्ष मार्च माह में 41 बंदियों को आठ सप्ताह के पैरोल पर रिहा किया गया था।
हालांकि बाद में दो सप्ताह की अवधि और बढ़ा दी गई थी लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने महामारी का रूप ले लिया है। जेल में बंदियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद एक बार फिर जेल में निरुद्ध छोटे अपराधों के सजायाफ्ता व विचाराधीन बंदियों को पैरोल पर रिहा करने का निर्णय लिया जा सकता है।
कारागार अधीक्षकों से ऐसे बंदियों की सूची तलब की है। जेल प्रशासन ने सजायाफ्ता व विचाराधीन बंदियों की सूची तैयार करना शुरू कर दी है। कारागार अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि सजायाफ्ता बंदियों की सूची तैयार हो गई है।