बांदा। मानसिक अवसाद के चलते संविदा मनरेगा जेई ने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने रोशनदान से देखा तो दरवाजा तोड़कर उन्हें फंदे से उतारा। पुलिस ने मौके पर जांच पड़ताल की। वह कोचिंग भी पढ़ाते थे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के किरन कॉलेज, कटरा मोहल्ला निवासी आशीष दुबे ने बताया कि उसके चचेरे भाई शोभित दुबे (35) ने मंगलवार को सुबह अपने घर के कमरे के अंदर चादर से पंखे में फंदा लगा लिया। परिजनों ने दरवाजा बंद देखकर रोशनदान से झांका तो वह फंदे से लटके थे। परिजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर जांच-पड़ताल की है। चचेरे भाई के मुताबिक, शोभित संविदा पर महुवा ब्लॉक में मनरेगा जेई के पद पर तैनात थे। घर में प्रतियोगी छात्रों को कोचिंग भी पढ़ाते थे। साल भर पहले 24 फरवरी को उसकी सीमा के साथ शादी हुई थी पर बच्चे नहीं है।
चचेरे भाई और पुलिस के मुताबिक, उसकी कोचिंग में पढ़ाए हुए बच्चे अच्छे पदों में तैनात हैं। वह खुद भी कुछ बनना चाहते थे लेकिन, मनचाही नौकरी नहीं मिल पा रही थी। इसको लेकर पिछले कुछ दिन से वह मानसिक अवसाद में रह रहे थे। नशा भी करने लगे थे। इसी के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है। पिता नारायण प्रकाश दुबे सेतु निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के पद से रिटायर्ड हुए थे। घर में मां अनुसूइया हैं। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि घरवालों व पड़ोसियों ने मानसिक अवसाद की बात बताई है।