कमासिन। खंभे का टूटा तार ठीक कर रहे लाइनमैन की करंट से मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने शव रखकर कमासिन-राजापुर मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि एसएसओ ने शटडाउन के बाद भी लाइन चालू कर दी थी। सूचना पाकर बिजली विभाग के अधिकारी, पुलिस और सपा के विधायक विशंभर यादव भी मौके पर पहुंच गए। किसी तरह परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कमासिन थाना क्षेत्र के ग्राम बंथरी निवासी जगदू यादव का 25 वर्षीय बेटा अनु यादव स्थानीय विद्युत उपकेंद्र में संविदा लाइनमैन था। शुक्रवार की शाम घर जाने के पहले अनु बाबूपुरवा के कल्लू वर्मा के ट्यूबवेल पर रुक गया था। कल्लू के मुताबिक रात करीब 12:30 बजे अनु को किसी ने सूचना दी कि लमियारी फीडर का फ्यूज उड़ गया। इस पर अनु ने उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ फौजी राम बहादुर से लमियारी फीडर का शटडाउन देने के लिए कहा। राम बहादुर ने लाइनमैन अनु को बताया कि आज शाम जेई गोपाल ने मना किया है कि किसी भी लाइनमैन को शटडाउन बगैर उनकी अनुमति के न दिया जाए। लिहाजा वह जेई से बात कर लें।
ठीक उसी समय लमियारी फीडर की लाइन का ब्रेकडाउन हो गया। अनु यादव ने समझा कि शटडाउन दे दिया गया। वह खंभे पर चढ़कर लाइन ठीक करने लगा। तभी अचानक सप्लाई चालू हो गई और अनु 11000 वोल्ट लाइन के करंट की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पाकर परिजन भी मौके पर पहुंच गए। शनिवार सुबह 6:30 बजे परिजनों ने शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर बिजली विभाग के अधिकारी और विधायक भी पहुंचे गए। उनके समझाने के बाद करीब आठ बजे परिजनों ने जाम हटाया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अवर अभियंता गोपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायत थी कि फीडरों पर तैनात लाइनमैन अक्सर अनावश्यक शटडाउन लेते हैं। इसकी वजह से बिजली संकट पैदा हो जाता है। इस कारण आदेश दिया था कि बिना अनुमति किसी को शटडाउन न दिया जाए। पुलिस का कहना है कि फिलहाल परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है, यदि मिलती है तो उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।