बांदा। अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं जयंती कांग्रेसियों ने प्रदर्शन के बीच गिरफ्तारी देकर मनाई। प्रशासन ने उनकी सांकेतिक गिरफ्तारी के बाद रिहा भी कर दिया। कलेक्ट्रेट में धरना देकर सांप्रदायिक ताकतों को देश और प्रदेश से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। क्रांति दिवस पर बुधवार को कांग्रेस के जिला कार्यालय में प्रदेश संगठन मंत्री साकेत बिहारी मिश्र ने जातिवादी और सांप्रदायिक ताकतों को खदेड़ने की शपथ दिलाई। यहां से कांग्रेसियों का जुलूस कलेक्ट्रेट पहुंचा और डीएम कक्ष के बाहर धरना देकर भाषण शुरू कर दिया। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी ने उनकी गिरफ्तारी के बाद मुचलका भराकर सभी को रिहा कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों को पूरी तरह फ्लाप बताते हुए कहा कि हर क्षेत्र में यह सरकारें जनविरोधी साबित हुई हैं।
आंदोलन में अगुवाई कर रहे जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार शुक्ल सहित उपाध्यक्ष एमयू दुर्रानी, पूर्व चेयरमैन संजय गुप्ता, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, राजकुमार गर्ग, सूरज वाजपेयी, राजाराम गौतम, आदित्य स्वरूप पांडेय, कैलाश वाजपेयी, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, कुतैबा जमां खां, प्रशांत समुद्रे, रामपाल अवस्थी, गजेंद्र पटेल, बीलाल, पवन देवी, लीला सोनी, संतोष द्विवेदी, रामनरायन सिंह पटेल, मकसूद अहमद, जहांगीर, रियाज, डा.केपी सेन, हरिश्चंद्र वाजपेयी, शिवबली सिंह आदि शामिल रहे। उधर, शहर कांग्रेस कमेटी ने खाईंपार स्थित चौसठ जोगिनी मंदिर में आयोजन किया। एकता-अखंडता की शपथ ली और सभा की। शहर अध्यक्ष राजबहादुर गुप्त, पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद, महिला अध्यक्ष सीमा खां समेत अशोक चौहान, श्याममोहन वर्मा, अमित तिवारी, रफत खान गोगा, छेदीलाल धुरिया, शकील भाई, आलोक निगम, अल्ला रक्खू, शब्बीर, कालीचरन निगम, संतोष शुक्ला, निहाल, नईम, सईद, जुबैर आदि शामिल रहे। कांग्रेसियों ने गुजरात में कांग्रेस की जीत पर पटाखे छुड़ाए और मिठाई बांटी।
उल्टा झंडा लहराते रहे कांग्रेसी
बांदा। कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान बड़ी चूक की। पार्टी का तिरंगा उल्टा लहराया। कांग्रेस कार्यालय से प्रदर्शनकारी कांग्रेसी कलेक्ट्रेट आए। कई कांग्रेसियों के हाथों में तिरंगे झंडे थे। इन्हीं में एक नेता के हाथ में लहरा रहा झंडा उल्टा था। इसका केसरिया रंग नीचे और हरी पट्टी ऊपर थी। पूरे समय किसी कांग्रेस नेता की नजर इस पर नहीं पड़ी। हालांकि झंडा पार्टी का था, राष्ट्रीयध्वज नहीं। कांग्रेस में ऐसी चूक कम होती है। ध्वज फहराने का कांग्रेस सेवादल को बाकायदा प्रशिक्षण मिलता है।