बबेरू (बांदा)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि बुंदेलखंड और खासकर चित्रकूटधाम मंडल में किसानों की बदहाली और आत्महत्याओं का मुद्दा कांग्रेस विधान सभा में उठाएगी। किसानों को राहत दिलाने के लिए जरूरत पड़ी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन चलाएगी।
शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष यहां आए हुए थे। उन्होंने पिंडारन, पेस्टा और पलरा गांव जाकर हाल ही में आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार से मुलाकात की। किसानों का पूरा ब्योरा जाना और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया। पिंडारन गांव में उन्होंने मृतक किसान राजनारायण पाठक के घर जाकर उनके आश्रितों से बातचीत की।
कहा कि वह आर्थिक सहायता दिलाएंगे। यहां के बाद वह पेस्टा गांव पहुंचे और मृतक किसान लवकुश वर्मा के परिजनों से मुलाकात की। यहां भी परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए संवेदना व्यक्त की।
तिंदवारी के पलरा गांव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मृतक किसान कुलदीप के आश्रितों से मिलकर पूरी जानकारी ली और मदद का भरोसा दिलाया। प्रदेश अध्यक्ष के साथ जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, गजेंद्र पटेल, अखिलेश सिंह मुमताज अली, सीमा खान, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, संदीप, निर्भय पटेल, कुतैबा जमां आदि मौजूद रहे।
प्रवासी सहित तीन किसानों ने की आत्महत्या
बबेरू। पिंडारन गांव में 5 बीघा के लघु किसान किसान राजनारायण पाठक (38) पुत्र रामकृष्ण पाठक ने तीन दिन पहले आर्थिक तंगी से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी।
पेस्टा गांव में प्रवासी मजदूर लवकुश वर्मा (28) पुत्र रामराज ने 10 दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी थी। आत्महत्या की वजह आर्थिक तंगी बताई गई थी। हरियाणा में ट्रैक्टर चलाता था। लॉकडाउन में घर आया था। उधर, तिंदवारी क्षेत्र के पलरा गांव में किसान कुलदीप सिंह (40) पुत्र सुभाष ने सप्ताहभर पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
बुंदेलखंड की बदहाली को गैर कांग्रेसी सरकारें जिम्मेदार
बांदा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा है कि खनिज संपदा से भरपूर बुंदेलखंड में किसानों की आत्महत्याओं सहित अन्य बर्बादियों के लिए गैर कांग्रेसी सरकारें जिम्मेदार हैं। कहा कि सत्ता पक्ष की लूट से बुंदेलखंड पिछड़ा है।
यहां बेरोजगारी, अन्ना प्रथा, बिजली, पानी, खाद, सड़क की समस्या प्रमुख है। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड का दर्द नहीं समझा। शनिवार को यहां जिलाध्यक्ष आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने उपरोक्त बातें कहीं।
बबेरू में भी मीडिया से मुखातिब हुए। कहा कि बुंदेलखंड में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्याएं कर चुके हैं। लॉकडाउन में आए मजदूरों को रोजगार नहीं मिला। फसल बीमा के नाम पर किसानों को फायदा नहीं दिलाया।