बबेरू। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने ग्रामीणों से संवाद कर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा सरकार पर मनरेगा कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया और इसे बचाने के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी और मजदूरी न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। नई योजना में काम का चयन और क्षेत्र दिल्ली से तय होगा, जबकि पहले यह अधिकार गांवों को था। कांग्रेस मजदूरों के हक और रोजगार की गारंटी के लिए संघर्षरत है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने चुनाव आयोग के एसआईआर कार्यक्रम में संशोधन की तारीख 6 मार्च 2026 तक बढ़ाए जाने पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि इस अवधि में एसडीएम, बीएलओ के समक्ष हजारों फॉर्म-6 और फॉर्म-7 जमा हुए, जिनमें से अधिकांश पूर्व-मुद्रित थे और आपत्तिकर्ताओं का विवरण अस्पष्ट था। यह भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में फॉर्म बिना सत्यापन के जमा किए गए, जिनमें आपत्तिकर्ता की पहचान, मोबाइल नंबर, आपत्ति का कारण या बीएलए-2 द्वारा आवश्यक घोषणा का अभाव था।