बांदा। जिला मुख्यालय और तहसीलों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 5540 मुकदमे सुलह-समझौते से निपटाए गए। 2,10,240 रुपये जुर्माना और 65,25,000 मोटर दुर्घटना क्लेम आरोपित किया गया। उधर, बैंकों ने भी 194 बकाएदारों के मामले सुलह-समझौते से निपटाते हुए 3,20,99,600 रुपये वसूल किए।
शनिवार को जिला जज राधेश्याम यादव की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में जिला जज ने खुद 10 मामलों का सुलह-समझौते से निपटारा किया। इनमें पांच मोटर एक्सीडेंट क्लेम के थे। 11,95,000 बीमा कंपनियों से क्लेम दिलाया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने पति-पत्नियों के बीच चल रहे मुकदमों में सुलह कराकर उन्हें एक साथ विदा कराया। जिला जज सहित नोडल अधिकारी श्रीकृष्ण यादव और विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने जोड़ों को आशीर्वाद दिया। कुल 26 मामले निपटाए।
एडीजे प्रथम साकेत बिहारी दीपक ने तीन मामलों में 10,81,390 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। एडीजे द्वितीय बिजेंद्र कुमार शैलत ने चार एक्सीडेंट क्लेम सहित सात केस निपटाए। एडीजे तृतीय नीरज कुमार ने मोटर दुर्घटना के तीन वादों को निस्तारण किया। एडीजे चतुर्थ ने 10 मामलों का निस्तारण कर 5 लाख रुपये और पंचम एडीजे रमाकरन द्वितीय ने एक केस का निपटारा कर 5.65 लाख हर्जाना दिलाया। षष्ठम एडीजे मोहम्मद रिजवान ने तीन मुकदमों को निपटाकर 11.10 लाख रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। सप्तम एडीजे पीके शर्मा ने मिसलेनियस के 8 मामलों का निस्तारण किया। त्वरित न्यायाधीश प्रथम नुपुर ने तीन मामलों में 5.70 लाख और त्वरित न्यायाधीश द्वितीय ऋषि कुमार ने पांच मामलों में 13,01,058 रुपये का जुर्माना निरुद्ध किया।
एसीजेएम प्रथम संजय कुमार ने 61 केस निपटाकर 1,08,840 रुपये जुर्माना किया। सिविल जज/विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने चार केस निपटाए। इनमें तीन उत्तराधिकार के थे। उनमें 11,19,381 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए। एक लघु वाद में जुर्माना किया। अपर सीजेएम (रेलवे) प्रेमबहादुर सिंह ने 72 केस में 51,300 जुर्माना किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन अभिषेक व्यास ने 12 मामले निपटाए। पांच उत्तराधिकार के केस में 7,08,575 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए।
तीन सिविल वाद और चार लघु वाद भी निपटाए। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर तिवारी ने आठ मुकदमों का निपटारा करते हुए 25,34,825 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। सिविल जज (बबेरू) महेंद्र कुमार पांडेय ने 16 मामले और सिविल जज (अतर्रा) सर्वेश सिंह यादव ने 11 मुकदमों का निस्तारण कर जुर्माना किया। लोक अदालत में राजस्व विभाग की सभी अदालतों ने 5080 मुकदमों का निस्तारण किया। सबसे ज्यादा 3371 केस बांदा सदर तहसील में निस्तारित हुए। मुख्यालय में जिला जज ने सभी पटलों का निरीक्षण किया।
उधर, लोक अदालत में बैंकों ने भी अपने स्टाल लगा रखे थे। कुल 194 बकाएदारी के मामलों में सुलह-समझौता करके बकाएदारों से 3,20,99,600 रुपये वसूले। लोक अदालत से 5564 लोग लाभान्वित हुए। लोक अदालत में अधिवक्ता, वादकारी आदि उपस्थित रहे।