फोटो-2-मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण करते मंडलायुक्त अजीत कुमार। स्रोत: सूचना विभाग
बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में बुधवार को आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार के औचक निरीक्षण में कई अव्यवस्थाएं सामने आईं। फायर एनओसी लंबित मिली तो आर्थोपेडिक वार्ड की लिफ्ट बंद मिली। कई जगह टूटी टाइलों के अलावा मरीजों को एक्स-रे और सीटी स्कैन की रिपोर्ट के लिए बार-बार मेडिकल कॉलेज आने की व्यवस्था पर भी आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
आयुक्त ने मेडिकल कॉलेज में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, पेयजल, सीसीटीवी, चिकित्सकों की उपस्थिति और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जांच की। निरीक्षण में एक्स-रे और सीटी स्कैन मशीनें संचालित मिलीं, लेकिन मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा अस्पताल बुलाए जाने की व्यवस्था को बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने रिपोर्ट मरीजों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप से उपलब्ध कराने को कहा।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि फायर एनओसी के लिए संस्थान स्तर की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अग्निशमन विभाग से एनओसी अभी नहीं मिली है। आयुक्त ने अग्निशमन अधिकारी को स्थलीय सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। आर्थोपेडिक वार्ड की बंद लिफ्ट को जल्द चालू कराने और जहां टाइलें टूटी या उखड़ी हैं, वहां तत्काल मरम्मत कराने को कहा।
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ड्यूटी रोस्टर और दवाओं पर भी सख्ती
आयुक्त ने चिकित्सकों और तकनीशियनों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी रोस्टर का शत-प्रतिशत पालन कराने को कहा। चिकित्सकों का रोस्टर ऐसे स्थान पर लगाने के निर्देश दिए, जहां मरीज और उनके परिजन आसानी से देख सकें। चिकित्सकों को ड्रेस कोड और नेम प्लेट के साथ ड्यूटी करने को कहा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध दवाओं के बावजूद मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं न लिखने और मरीजों को बेवजह रेफर नहीं करने के निर्देश दिए।