प्रधानमंत्री आवास योजना क्षेत्र के 56 गांवों में कमीशन खोरी और संबंधित विभागों की लापरवाही से परवान नहीं चढ़ पा रही। लगभग दो सैकड़ा आवास अधूरे हैं। लाभार्थी को मिलने वाले एक लाख 35 हजार रुपये खातों से निकाले जा चुके हैं। फिर भी आवास अधूरे हैं।
पिपरगवां ग्राम पंचायत सदस्य राधेश्याम वर्मा की पत्नी सुमेरिया के नाम प्रधानमंत्री योजना का आवास आवंटित है। यह अधूरा है। राधेश्याम का कहना है कि कुछ रकम कमीशन में चली गई।
वरना आवास निर्माण पूरा हो जाता। उधर, कुछ लाभार्थियों ने आवास का पैसा इलाज और दूसरे कामों में खर्च कर डाला। मिरगहनी गांव की भाग्यवती देवी पत्नी शिवबली आरख ने बताया कि योजना का पैसा आने के बाद वह अचानक बीमार हो गई।
पैसा इलाज में खर्च हो गया। आवास अधूरा रह गया। इसी गांव की रामकुमारी पत्नी देवीचरण धुरिया ने आवास का पैसा मई में हुई अपनी बेटी की शादी में खर्च कर दिया। आवास अधूरा पड़ा है। इनके अलावा बनवारीलाल (पिपरगंवा), महेश विश्वकर्मा (मिरगहनी), चंदन प्रजापति व रामेश्वर सविता (भिड़ौरा) के आवास भी अधूरे पडे़ है।
उधर, खंड विकास अधिकारी पियूष मोहन श्रीवास्तव प्रधानों और सचिवों की तरफदारी में हैं। उन्हें क्लीन चिट देते हुए कहा कि प्रधान और सचिव पर आरोप लगाने लाभार्थी खुद खाते से पैसा निकाल कर खा गए।
प्रधान व सचिव पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किश्त लेकर निर्माण न कराने वालों लाभार्थियों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।