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Banda News: प्राइवेट एजेंसियों के हाथ में कमान, ट्रामा सेंटर और सीएचसी में नहीं मिलतीं चादरें

Sun, 26 Oct 2025 11:31 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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फोटो- 10 बबेरू सीएचसी में मैली बिछी नीले कलर की बेड सीट। संवाद
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बांदा। जिला अस्पताल, ट्रामा सेंटर और जिले की आठ सीएचसी में बेड सीट की सफाई और धुलाई के लिए प्राइवेट एजेंसियों के नाम से ठेका है। हालात यह हैं कि कभी साफ सुथरे चादर तो कभी मैले कुचैले चादरों को बेड पर बिछाया जाता है। कुछ बेड में तो चादर देखने को भी नहीं मिलता है। यह स्थिति ज्यादातर जिले के ट्रामा सेंटर में दिखाई देती है। यहां एक-एक चादर के लिए मरीजों को स्टोर से मांगना पड़ता है। जबकि प्रति चादर धुलाई और सफाई का चार्ज 40 रुपया भुगतान किया जाता है। कमोबेश यही हाल जिले की आठ सीएचसी का है।
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जिला अस्पताल पुरुष 103 बेड, ट्रामा सेंटर 29 बेड, व जिले की प्रत्येक सीएचसी 30 बेड की है। इन अस्पतालों में मरीजों के लिए लेटने वाले बेड में चादर की धुलाई और सफाई का ठेका लखनऊ की एजेंसी के नाम से है। बेड संख्या के हिसाब से इनका भुगतान किया जाता है।
यह एजेंसी अपने प्राइवेट कर्मियों के माध्यम से चादर की धुलाई सफाई कराती है। जिला अस्पताल में लॉड्री की भी व्यवस्था है। जिला अस्पताल के कुछ वार्डों में चादर प्रतिदिन बदलने का नियम है। साथ ही प्रत्येक दिन के चादर के रंग भी निर्धारित हैं लेकिन अधिकतर इसका पालन होता नहीं दिखाई देता है। कुछ बेड में गंदे और सिकुड़े चादर बिछे दिखाई देते हैं, तो कुछ में तो चादर ही नहीं दिखाई देती हैं। जिले के ट्रामा सेंटर में कुछ बेड तो कंडम हो चुके हैं।
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अतर्रा सीएचसी में बिना धुले चादर बिछे मिले
अतर्रा। सीएचसी अतर्रा में कुछ स्थानों पर गंदगी मिली। यहां नीले कलर के बिना धुले चादर बिछाए गए थे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद ने बताया कि सीएचसी में बेड चादर की आपूर्ति जिले से ठेका प्रणाली के तहत होती है। उन्होंने प्रतिदिन चादरों की धुलाई का दावा भी किया। इमरजेंसी में तैनात डॉ. प्रसून ने बताया कि अस्पताल में कुछ स्थानों पर गंदगी थी, उसे प्रभारी चिकित्साधिकारी ने साफ कराया है। (संवाद)
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बबेरू सीएचसी में मैली बेड सीट बिछी मिली
बबेरू। सीएचसी में रविवार को नीले रंग के चादर बिछाई गई थी। चादर गंदी थी। चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषिकेश ने बताया कि सीएचसी में बेड चादर की आपूर्ति जिले से ठेका प्रणाली से होती है। प्रतिदिन धुले चादरों को लेने के लिए निर्देश हैं। उनका दावा है कि उनकी सीएचसी में धुले चादरों को बिछाया गया है। (संवाद)


दिन के हिसाब से है चादर का रंग का रोस्टर निर्धारित


सोमवार- सफेद, मंगलवार-नारंगी, बुधवार-हरा, बृहस्पतिवार-पीला, शुक्रवार-नीला, शनिवार- गहरा नीला, रविवार-लाल अथवा भूरा।


वर्जन


जिला अस्पताल के लिए लखनऊ की एजेंसी को बेड सीट धुलाई और सफाई का ठेका है। जिला अस्पताल में स्थित लॉड्री में प्रतिदिन बेड सीट धुलाई जाती हैं। दिन के हिसाब से चादरों के रंग निर्धारित हैं। कभी-कभी मरीज खुद भी चादर को हटा देते हैं।
डॉ. के कुमार
सीएमएस, जिला अस्पताल पुरुष।
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वर्जन
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सीएचसी को बेड सीट उपलब्ध कराने का ठेका प्राइवेट के हाथों में है। प्रति बेड सीट की धुलाई व सफाई का 40 रुपया निर्धारित है। बेड संख्या के हिसाब से ठेका दिया जाता है। जिले की सीएचसी 30 बेड की हैं। प्रतिदिन चादर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी प्राइवेट फर्म की है। अगर गंदी व बिना धुली चादर बिछाई जा रही हैं तो वह इसकी जांच कराएंगे।
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डॉ. विजेंद्र सिंह
सीएमओ, बांदा।
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फोटो- 10 बबेरू सीएचसी में मैली बिछी नीले कलर की बेड सीट। संवाद

फोटो- 10 बबेरू सीएचसी में मैली बिछी नीले कलर की बेड सीट। संवाद

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