बांदा। पारदर्शी किसान सेवा योजना में लापरवाही और ढिलाई पर मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बांदा और हमीरपुर के उप कृषि निदेशकों (प्रसार) से स्पष्टीकरण तलब किया है।
चारों जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर छुट्टा घूम रहे मवेशियों को तत्काल अभियान चलाकर गोशालाओं में भिजवाएं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहण से शेष पांच फीसदी जमीन भी शीघ्र किसानों की सहमति से खरीदने के निर्देश दिए। बैठक में डीआईजी दीपक कुमार भी उपस्थित रहे।
गुरुवार को आयोजित मंडलस्तरीय समीक्षा बैठक में आयुक्त ने संयुक्त निदेशक (कृषि) को निर्देश दिए कि पारदर्शी किसान सेवा योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित कराएं। बांदा-नरैनी और हमीरपुर बाईपास में बिजली के खंभे 15 दिन में नहीं हटाए जाने पर बिजली विभाग के संबंधित अभियंताओं का वेतन रोकने की चेतावनी दी।
50 लाख से लागत वाली योजनाओं का काम 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि जल संरक्षण के लिए कार्य योजना बनाकर काम करें। साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना निर्माण में तेजी लाई जाए। जल संस्थान अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि चित्रकूट में लंबित कार्य शीघ्र शुरू करें। कोरोना वायरस से बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार करने को कहा।
पीसीएफ अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान खरीद का भुगतान किसानों को प्राथमिकता से कराएं। आयुक्त ने भुगतान लंबित होने पर असंतोष व्यक्त किया। पीडब्ल्यूडी अभियंताओं को निर्देश दिए कि एक हफ्ते के अंदर अनावश्यक स्पीड ब्रेकर हटवाए जाएं।
बैठक में जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल (बांदा), शेषमणि पांडेय (चित्रकूट), ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (हमीरपुर), अवधेश कुमार तिवारी (महोबा), सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा (बांदा), डा.महेंद्र कुमार (चित्रकूट), हीरा सिंह (महोबा), आरके सिंह (हमीरपुर) सहित जेडीसी रमेशचंद्र पांडेय, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा.आरबी गौतम, वन संरक्षक केके सिंह, उप निदेशक एसएन त्रिपाठी व भूपेंद्र सिंह यादव आदि उपस्थित रहे।