बांदा में डीआईओएस कार्यालय के पास बना सार्वजनिक शौचालय।
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बांदा। नगर पालिका परिषद द्वारा करीब दो करोड़ की लागत से शहर में बनाए गए सात सामुदायिक और 10 सार्वजनिक शौचालय उपयोग में आने से पहले ही जर्जर हो गए।
इनमें लगातार ताले लटके हैं। पालिका इसके लिए कर्मचारियों की कमी का रोना रो रही है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत वाले सार्वजनिक शौचालयों का आम लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। उन्हें इधर-उधर खुले में ही जाना पड़ रहा है।
वर्ष 2018 में नगर पालिका ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाया था। सात सामुदायिक शौचालय और 10 सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। प्रत्येक की लागत 10 लाख रुपये है।
इनका निर्माण शहर के निम्नीपार, केवटरा (जेल के पीछे), डीआईओएस कार्यालय के पास, हार्पर क्लब के पास, कालूकुआं, खाईंपार और छाबीतालाब आदि स्थानों पर हुआ है। इन सभी शौचालयों में ताला बंद है। मात्र अलीगंज पुलिस चौकी के पास स्थित शौचालय चालू है। यह शौचालय अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में है।
सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों में सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं हो सकी है। गंदगी अधिक होने से इन्हें बंद कर दिया गया है। जल्द ही कर्मचारी की तैनाती कर शौचालयों को चालू कराया जाएगा।-संतोष कुमार मिश्रा, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका, बांदा।