मंगलवार को मौसम ने फिर यूटर्न ले लिया। न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री की फिर गिरावट आ गई। सुबह जबर्दस्त कोहरे के साथ दिन की शुरूआत हुई। दोपहर बाद निकली हल्की धूप बेअसर रही। छुट्टी के बावजूद कई स्कूल और कोचिंग खुलने से बच्चों को ठिठुरते हुए जाना पड़ा।
ठंड ने इस साल लंबी पारी खेली है। 20 दिसंबर से बिगड़ा मौसम माह भर बाद भी नहीं सुधरा। एक दिन मौसम साफ हुआ तो दूसरे दिन फिर कोहरा व बदली से जनजीवन ठिठुरता रहा। रविवार व सोमवार को कुछ धूप निकली तो राहत महसूस की गई, लेकिन मंगलवार को मौसम ने फिर पलटी मारी और गलन में जबर्दस्त इजाफा हो गया है।
भोर से ही घने कोहरे की चादर से जिला ढक गया। सर्दी ने भी जोर पकड़ा। कोहरे की वजह से सुबह विजिबिल्टी 20 मीटर के करीब रही। मौसम में 60 से 90 फीसदी आर्द्रता और 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पछुवा हवाएं चलती रहीं। केंद्रीय जल आयोग में अगले दो-तीन दिनों तक ठंड के तेवर अभी झेलने पड़ेंगे।
ठंड से एक और मौत, संख्या 62 तक पहुंची
कमासिन। सांड़ी गांव निवासी किसान राजकुमार उर्फ पुजारी यादव (62) को सोमवार की शाम ठंड लग गई। परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे तभी उसकी मौत हो गई। ठंड से जिले में अब तक 62 मौतें हो चुकी हैं।
उधर, मंगलवार को ठंड से हालत बिगड़ने पर धन्नी देवी (70) निवासी लोहरा और मेवालाल (50) निवासी निवाइच को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।