पहाड़ों की बर्फबारी और पछुआ हवाओं से नव वर्ष की पूर्व संध्या पर चित्रकूटधाम मंडल में सर्दी का सितम रहा। सूरज न निकलने और करीब साढ़े पांच किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं पछुवा बर्फीली हवाओं से जनजीवन बेहाल रहा। अधिकतम तापमान 15 से 17 और न्यूनतम पारा तीन से चार डिग्री सेल्सियस के इर्दगिर्द मंडराता रहा।
हाड़कंपाऊ ठंड से राहत के लिए जगह-जगह अलाव जलते रहे। केंद्रीय जल आयोग के मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में बूंदाबांदी और शीतलहर चलने का पूर्वानुमान है। चित्रकूटधाम मंडल में मंगलवार को बर्फीली हवाओं से दिन भर कड़ाके की ठंड रही। सूरज न निकलने से दोपहर को वातावरण की नमी करीब 80 फीसदी रही। पूरा दिन शीतलहर चलती रही और धूप नहीं निकली। इससे गलन बढ़ी और कोहरा छाया रहा।
पिछले 10 सालों का रिकार्ड तोड़ ठंड से नए वर्ष की शुरुआत हो रही है। दृश्यता रात में 20 से 30 मीटर के आसपास रही। वहीं, दिन में भी यह 50 से ऊपर नहीं पहुंची। मौसम जानकारों का कहना है कि पहाड़ों में ज्यादा बर्फबारी से बर्फीली पछुआ हवा के झोंके ठंड का कहर ढा रहे हैं। मंगलवार को दिन का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से तीन डिग्री कम है।
न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से तीन डिग्री कम था। केंद्रीय जल आयोग के मौसम विभाग के मुताबिक नए वर्ष की शुरुआत बूंदाबांदी से होने का अनुमान है। लगभग एक सप्ताह तक कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।