बांदा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लागू होने की तिथि स्पष्ट न होने से लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब दस माह से जिले में 71 आवेदन अटके पड़े हैं।
पहले इस योजना का नाम मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वजन हित बीमा योजना था। बीमा कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर की गई गड़बड़ियों के बाद सरकार ने इसे पूरी तरह से अपने हाथों में लेते हुए 14 सितंबर 2019 को योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना रख दिया।
योजना से संबंधित शासनादेश 28 फरवरी को मिल गया था, लेकिन इसमें योजना का लाभ देने की तिथि स्पष्ट न होने से क्रियान्वयन अटक गया। लाभार्थी आश्रितों को योजना का लाभ नहीं मिला। पहले के भी 30 आवेदन बीमा कंपनी के पास लंबित हैं। यह वे मामले हैं, जिनमें बीमा कंपनी ने दावों को गलत ठहराते हुए खारिज कर दिया था।
क्या है दुर्घटना योजना
सड़क हादसा या पशु दुर्घटना में मारे गए किसान के आश्रित को योजना के तहत पांच लाख की सहायता राशि दी जाती है। कृषक के विकलांग होने पर ढाई लाख रुपये मिलते हैं। इसके लिए दावा आवेदन दुर्घटना के 75 दिन के अंदर करना होता है।
शासन को भेजा है पत्र
बांदा। अपर जिलाधिकारी (वित्त) संतोष बहादुर सिंह का कहना है शासन को पत्र भेजकर यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है कि लाभार्थियों को योजना का लाभ 14 सितंबर या 28 फरवरी में से किस तिथि से देना है। फिलहाल शासन का जवाब या दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।