बांदा। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने आर्थिक तंगी और देयक भुगतान न होने से परेशान होकर पूरे परिवार के साथ इच्छा मृत्यु की मांग की है। एक पखवारे के अंदर भुगतान न होने पर परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी है।
डीआरडीए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुंदरलाल 30 जून 2013 को 58 वर्ष की उम्र में ही सेवानिवृत्त कर दिया गया था। इसके बाद उसे कोई अवशेष भुगतान भी नहीं किया गया। मुख्य विकास अधिकारी समेत मुख्यमंत्री व राज्यपाल और उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि वह दलित बिरादरी का है।
इसी वजह से उसे तिरसकृत किया जा रहा है। आर्थिक तंगी से उसके परिवार के किसी सदस्य की मौत हुई तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके पूर्व कई पत्रों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, मुख्य विकास अधिकारी आरके सिंह का कहना है कि यह प्रकरण पुराना है। उन्होंने पूर्व मेें मिला प्रार्थना पत्र परियोजना निदेशक (ग्राम्य विकास अभिकरण) को भेज दिया है।