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यौमे विलादत के जश्न में जगमगाया शहर

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बारावफात की पूर्व संध्या पर आकर्षक बिजली सजावट से जगमग ऐतिहासिक नवाबी जामा मस्जिद। - फोटो : BANDA
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बांदा। इस्लामी कैलेंडर के रबी अव्वल माह की 12वीं को मनाया जाने वाला पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद का यौमे विलादत (जन्मदिन) शुक्रवार (30 अक्तूबर) को मनेगा। पूर्व संध्या से ही शहर की मस्जिदें और मुस्लिम इलाकों में मकान व बिल्डिंगें बिजली की हरी रोशनी से जगमगा उठीं। जुलूसे मोहम्मदी में पिछले वर्षों से कुछ बदलाव रहेगा। कोरोना गाइडलाइन के चलते यह फैसला किया गया है।
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दोपहर बाद शहर के विभिन्न इलाकों से झंडे और झांकियों के अलग-अलग जत्थे कालवनगंज खानकाह दरगाह/शेख सरवर की मस्जिद के पास पहुंचेंगे। कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर इस वर्ष यह सब जत्थे एक साथ जुड़कर नहीं चलेंगे।
जुमा (शुक्र) की नमाज के बाद करीब ढाई बजे अलग-अलग इलाकों के जत्थों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। बड़े और ऊंचे परचमों की तादाद भी कम रहेगी। हर जत्थे में मात्र एक बड़ा परचम होगा। छोटे परचम हाथ में लिए जा सकेंगे।
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छिपटहरी, मर्दन नाका, कुंजरहटी, मनोहरीगंज, सब्जी मंडी, शंकर गुरु चौराहा, छावनी, गूलरनाका, अमर टाकीज तिराहा, जिला परिषद, अलीगंज आदि पुराने रूटों से गुजरकर जुलूस रात 10 बजे तक राइफल क्लब ग्राउंड/ईदगाह के पास खत्म हो जाएगा। कहीं भी सड़कों पर कोई स्टॉल आदि नहीं लगेंगे।
उधर, गुरुवार को पूर्व संध्या से ही मर्दन नाका, छिपटहरी, कुंजरहटी, मनोहरीगंज, अलीगंज, गूलरनाका, छावनी, ईदगाह रोड, हाथीखाना, खुटला, क्योटरा आदि में मकानों को हरी बिजली की झालरों और परचमों से सजा दिया गया। शहर की नवाबी जामा मस्जिद इस वर्ष भी आकर्षक बिजली सजावट से आकर्षण का केंद्र बनी है।
गौरतलब है कि शहर काजी अकील मियां, ईदगाह व जामा मस्जिद के मुतवल्ली शेख सादी जमां, सपा पूर्व जिलाध्यक्ष इमरान अली राजू, डा.मोहम्मद शोएब इत्यादि ने डीएम, एसपी सहित प्रशासन के अफसरों से मुलाकात की थी। अधिकारियों ने कोरोना गाइडलाइन का हरहाल में पालन करने को कहा है। आयोजकों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस पर अमल किया जाएगा।
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