सपा-बसपा का गठबंधन मिलावट नहीं बल्कि महापरिवर्तन का गठबंधन है। यह चुनाव केवल चौकीदार को हटाने का नहीं बल्कि ठोकीदार को भी हटाने का है। केंद्र में गठबंधन की सरकार आई तो समाजवादी पेंशन 3000 रुपये की जाएगी।
ये बातें सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को एचआईसी मैदान में आयोजित जनसभा में कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने शौचालय तो खूब बनवाए पर शौचालय के लिए पानी का इंतजाम नहीं किया। भाजपा कहती है योजना आयोग खराब है, कांग्रेस कहती है नीति आयोग खराब है। दोनों लोग आधी-अधूरी योजनाएं बनाते हैं। जो लागू ही नहीं होतीं। कहा कि भाजपा सरकार तो हमारी योजनाओं का रंग बदलने का काम करती है। भाजपा केवल एक्सप्रेसवे बनवाने की बात करती है। हमने तो 18 महीने में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे बनाकर उस पर फाइटर प्लेन उतार दिया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी हमारी सरकार पूरा कराएगी। चौकीदार और ठोकीदार से इंसान ही नहीं जानवर भी परेशान हैं। अन्ना जानवर सड़कों पर हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी बांदा में प्रधानमंत्री ने नया मंत्रालय बनाने की बात कही है। पांच साल पहले गंगा के प्रदूषण को समाप्त करने की बात क्या पूरी कर सके। कहा कि बाबा योगी को खुद लैपटॉप चलाना नहीं आता, इसलिए लैपटॉप योजना बंद कर दी। समाजवादी पेंशन लोगों की मदद करने के लिए थी, वह भी छीन ली। सरकार आएगी तो उसे 3000 किया जाएगा।
पलायन बुंदेलखंड की बड़ी समस्या है। सरकार आने पर इसे रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाबा (मुख्यमंत्री) ने ठोको अभियान चलाया हुआ है। उन्होंने कहा कि वह अगड़ों को आरक्षण के खिलाफ नहीं है। उन्हें 10 नहीं 20 फीसदी मिले, लेकिन प्रजापति, पाल, कुर्मी सहित अन्य जातियों को उनकी हिस्सेदारी के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। सपा मुखिया ने लोगों से कहा कि पांच साल में चाय का नशा उतर गया हो तो चायवाले को गद्दी से उतार दो।
पकौड़े की सलाह में थी साजिश
अतर्रा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं को पकौड़ा बेचने की दी गई सलाह पर कहा कि यह सलाह बहुत सोच-समझकर दी गई थी। पकौड़ा इसलिए कहा कि विदेश से आने वाले तेल की खपत बढ़ जाए। प्रधानमंत्री के सहयोगी उद्योगपति का कारोबार बढ़ जाए। कहा कि पकौड़ा बेचने की सलाह के बाद अब युवाओं को चौकीदार बनाया जा रहा है।
अखिलेश ही ब्राह्मणों की करते हैं इज्जत
अतर्रा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ आए सूबे के पूर्व मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि अखिलेश यादव ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो ब्राह्मण की इज्जत करते हैं। इन्होंने ही परशुराम जयंती का अवकाश घोषित किया था। 28 हजार संस्कृत शिक्षकों का भला करने का काम भी इन्होंने ही किया था।