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20 मिलीमीटर बारिश में तरबतर चित्रकूटधाम मंडल

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बारिश में झड़े मसूर के फूल दिखाता करतल क्षेत्र का किसान। संवाद - फोटो : BANDA
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फोटो-06बीएनडीपी-3 : बांदा मंडी समिति में बारिश में भीगता किसान का धान।
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फोटो-06बीएनडीपी-14 : बिगड़े मौसम में खाली रही झांसी-बांदा मेमू ट्रेन।
फोटो-06बीएनडीपी-17 : बारिश झड़े मसूर का फूल दिखाता करतल क्षेत्र का किसान। संवाद
फोटो-उरई की छह नंबर
20 मिलीमीटर बारिश में तरबतर चित्रकूटधाम मंडल
तड़के से शुरू हुई बारिश देर रात तक नहीं थमी
खेत में बची सिंचाई, पर कई फसलों पर मुसीबत आई
खरीद केंद्रों में सैकड़ों क्विंटल धान बारिश में भीगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। पश्चिमी विक्षोभ से गुरुवार को प्रदेश के साथ चित्रकूटधाम मंडल में भी मौसम बदल गया। तड़के से शुरू हुई बारिश देर रात तक नहीं थमी। मंडल के चारों जिलों में औसतन 20 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। तापमान में कोई बड़ा बदलाव न होने के बाद भी बारिश के बीच चलती रही 8 किलोमीटर प्रति घंटे की शीतलहर ने आम लोगों की दिनचर्या पर बड़ा असर डाला। सड़कें, बाजार, दफ्तर, ट्रेन, बस आदि सभी में गिनेचुने लोग ही नजर आए।
पश्चिमी विक्षोभ ने 5 जनवरी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दस्तक दी थी। मौसम विभाग ने पहले ही इसके लिए आगाह कर दिया था। गुुरुवार को लगभग पूरा प्रदेश बेमौसम की बारिश की जद में आ गया। बूंदाबांदी और बीच-बीच में कुछ तेज बारिश का सिलसिला चलता रहा। शाम तक बारिश का औसत चारों जिलों में लगभग 20-20 मिलीमीटर रहा। ट्रेनों और बसों में गिनेचुने यात्री ही नजर आए। सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग दिखे। दफ्तरों में भी अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। जो थे वह हीटर और आग में जमे रहे। मौसम जानकारों का कहना है कि अभी 2 या 3 दिन और मौसम के हालात ऐसे ही रहेंगे।
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बारिश ने किसानों को राहत दी है। फिलहाल उन्हें खेत में पानी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसानों का इस मौसम में सिंचाई पर होने वाला खर्च बचा है। दूसरी तरफ चना, अरहर और सरसों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। किसानों के मुताबिक इनके पौधों में फूल आ गया है। लगातार बारिश से फूल गिर जाएगा। खेतों में पानी भरा तो पौध सड़ जाएंगे। जिन खेतों में पानी लगाया जा चुका है वहां के किसान और ज्यादा चिंतिंत हैं। उधर, खलिहानों में रखी धान की फसलों के भीगकर खराब होने का खतरा है।
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बारिश ने बर्बाद किया बिकने आया धान
बांदा। 18 दिन बाद आज धान बेचने का नंबर आया था। तड़के से शुरू हुई बारिश ने सब बिगाड़ दिया। ट्राली में लदा धान भीग गया। टोकन भी निरस्त हो गया। गुरुवार को दिनभर हुई बेमौसम की बारिश से धान बेचने आए किसानों को इन्हीं हालात का सामना करना पड़ा। बारिश के चलते जलभराव से मंडी समिति परिसर स्थित विपणन शाखा के 2 और पीसीएफ के एक केंद्र में खरीद नहीं हो सकी। यहां धान से लदी खड़ी 50 से अधिक ट्रालियों को बचाने की जुगत में किसान जुटे रहे। डिप्टी आरएमओ (विपणन) सीपी पांडेय ने बताया कि बारिश की वजह से लगभग 330 किसानों के टोकन निरस्त किए गए हैं। बारिश थमते ही खरीद शुरू होगी।
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टोकन खत्म, ऑफलाइन खरीदारी
बांदा। टोकन व्यवस्था से परेशान धान किसानों को शासन ने राहत दी है। अब बिना टोकन खरीद होगी। टोकन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की झंझट से निजात मिलेगी। डिप्टी आरएमओ ने यह जानकारी दी।
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बारिश में भीगा किसानों का धान
नरैनी/तिंदवारी/अतर्रा। बारिश से धान खरीद केंद्र में किसानों का धान भीग गया। बसराही गांव के रज्जन पटेल, अशोक, अवध नरेश आदि ने बताया कि उनका तीन बार टोकन निरस्त हो चुका है। चौथी बार उनका नंबर आया था। लेकिन बारिश की वजह से खरीद नहीं हो सकी। धान भी भीग गया। तिंदवारी में विपणन शाखा केंद्र में गुरुवार को ताला लटकता रहा। डेढ़ दर्जन से ज्यादा ट्रैक्टर ट्रालियां धान से भरी रहीं। अतर्रा मंडी में किसानों ने बताया कि कोई व्यवस्था न किए जाने से बारिश में धान भीग गया। बिक्री के लिए एक महीने से टोकन की आस जुटाए थे।
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बारिश ने घटाया मरीजों का ग्राफ
बांदा। बारिश का असर अस्पतालों में भी नजर आया। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में आमतौर पर इन दिनों रोजाना लगभग 2 हजार मरीज आ रहे थे। गुरुवार को इनकी संख्या घटकर 529 रह गई। मेडिकल कालेज में 239 और जिला अस्पताल में 290 मरीज ओपीडी में दिखाने पहुंचे। ट्रामा सेंटर में गंभीर और भर्ती किए जाने वाले मरीज ही लाए गए।
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बिगड़े मौसम में खाली रही झांसी-बांदा मेमू ट्रेन। - फोटो : BANDA

बांदा मंडी समिति में बारिश में भीगता किसान का धान। - फोटो : BANDA

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