मंत्रिमंडल में चित्रकूट धाम मंडल को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। सभी 10 सीटें भाजपा की झोली में डाल देने वाले बाशिंदे इस बात से हैरत में हैं। इस विधानसभा चुनाव में क्षेत्र से बंपर वोट मिले हैं। यह अपने आप में रिकॉर्ड हैं। फिर भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की टीम में चित्रकूट धाम मंडल को ‘अनाथ’ रखा गया है। उधर, झांसी मंडल से भी निर्वाचित विधायकों में सिर्फ महरौनी सीट से मन्नू कोरी को ही राज्यमंत्री का दर्जा मिला है।
सपा, बसपा और कांग्रेस की तमाम लुभावनी घोषणाओं और वादों को नजरअंदाज कर अबकी बुंदेलखंड के बाशिंदों ने भाजपा पर वोटों की बरसात कर दी। सभी सातों जिलों की 19 सीटें भाजपा को सौंप दीं। रिकार्ड तोड़ जीत देने वाले बुंदेली मतदाताओं को भरोसा था कि प्रदेश की सत्ता में काबिज हुई भाजपा उनकी इस दरियादिली का जरूर बदला देते हुए बुंदेलखंड में ‘अच्छे दिन’ की शुरूआत करेगी।
लेकिन रविवार को शपथ लेने वाले मंत्रिमंडल में बुंदेलखंड से मात्र महरौनी सीट से राज्यमंत्री मन्नू कोरी को जगह मिली। गौरतलब है कि सपा सरकार में भी पूरे 5 साल बुंदेलखंड को मंत्रिमंडल से वंचित रखा गया। सपा के 8 विधायक होने के बाद भी किसी को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया। न ही किसी सपा नेता को ‘लालबत्ती’ दी गई।
बुंदेलखंड में भाजपा को मिलीं सभी 19 सीटें और वोटों का ब्योराः बांदा प्रकाश द्विवेदी 83,169, बबेरू चंद्रपाल कुशवाहा 78,187, नरैनी राजकरन कबीर 92,412, तिंदवारी बृजेश प्रजापति 82,197, कर्वी चंद्रिका उपाध्याय 90,366, मानिकपुर आरके सिंह पटेल 84,988, महोबा राकेश गोस्वामी 88,291, चरखारी बृजभूषण राजपूत 98,380, हमीरपुर अशोक सिंह चंदेल 1,10,888, राठ मनीषा अनुरागी 1,47,526, उरई गौरीशंकर वर्मा 1,40,485, कालपी नरेंद्र सिंह जादौन 85,498, माधौगढ़ मूलचंद्र निरंजन 1,08,737, ललितपुर रामरतन कुशवाहा 1,56,783, महरौनी मन्नू कोरी 1,59,227, झांसी रवि शर्मा 1,17,873, बबीना राजीव सिंह 96,713, मऊरानीपुर बिहारीलाल आर्य 98,905 व गरौठा जवाहर सिंह 93,378
क्या हुआ तेरा वादाः बांदा। प्रवास सोसायटी और भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी आशीष सागर दीक्षित ने भाजपा को वादाखिलाफ और बुंदेलखंड के साथ छल करने वाला बताया है। कहा है कि विधान सभा चुनाव के दौरान झांसी में केंद्रीय मंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमाभारती ने जनसभा में कहा था कि झांसी सीट से भाजपा प्रत्याशी रवि शर्मा जीते तो उन्हें प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। श्री शर्मा सीनियर लीडर हैं। फिर भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। वादा झूठा रहा।