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बच्चों को हलुवा खिला मनाया अन्न प्राशन दिवस

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अन्न प्राशन्न दिवस पर बच्चे को हलुवा खिलाती आंगनबाड़ी। - फोटो : BANDA
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बांदा। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर शुक्रवार को अन्न प्राशन दिवस मनाया गया। दुधमुंहे बच्चों को हलुवा खिलाया गया। बिसंडा ब्लाक में चुहू का पुरवा आंगनबाड़ी केंद्र में अन्न प्राशन के साथ गोष्ठी में माताओं को ऊपरी आहार लेने पर चर्चा भी की गई।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगीता देवी ने घी और मूंगफली का हलुवा बनाकर छह माह से ऊपर उम्र के बच्चों को खिलवाया। महिलाओं ने गाजे-बाजे के साथ उत्सव मनाया। सीडीपीओ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि शिशु के उचित विकास के लिए जन्म के छह माह के बाद बच्चों को दूध के साथ ऊपरी आहार की भी जरूरत होती है। 6 से 8 माह तक के बच्चों को एक से दो चम्मच मसला हुआ अर्ध ठोस आहार देना चाहिए।
8 माह से एक वर्ष तक के बच्चे को आधी कटोरी आहार दिन में दो बार देने को कहा। एक से 2 वर्ष के बच्चों को एक कटोरी आहार दिन में 2 से 3 बार देने की सलाह दी। अभ्युदय संस्थान के ब्लाक समन्वयक देवेंद्र कुमार ने महिलाओं को हाथ धोने का तरीका बताया। सफाई पर विशेष जोर दिया, ताकि बच्चे का स्वास्थ्य भी दुरुस्त रहे। उन्होंने बच्चों को कटोरी और चम्मच से आहार खिलाने को कहा।
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दिवस का उद्देश्य सामूहिक सहभागिता
बांदा। आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्न प्राशन दिवस मनाए जाने पर डीएम हीरालाल ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य सामूहिक सहभागिता के जरिये ऊपरी आहार से संबंधित व्यवहार परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि सही समय पर सही मात्रा में खाना देने से बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अन्न प्राशन दिवसों पर ऊपरी आहार को लेकर विशेष चर्चाएं की जाती हैं। साथ ही बच्चों के लिए पौष्टिक व स्वादिष्ट रेसेपी का प्रदर्शन करके दिखाया जाता है। ताकि माताएं घर में यह आहार बनाकर बच्चों को खिला सकें। इसके अलावा स्तनपान जारी रखने को भी प्रोत्साहित किया जाता है।
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