मंडलायुक्त मुरलीधर दुबे ने मंडल के चारों जनपदों में वन विभाग और लघु सिंचाई विभाग द्वारा बनाए गए चेकडैमों की जांच के आदेश दिए हैं। इसका जिम्मा जिलाधिकारियों को सौंपा है।
कृषि विभाग द्वारा मंडल में बनवाए गए गोदामों की जांच टीएसी कराने के निर्देश भी दिए हैं। बुधवार को मयूर भवन सभागार में बुंदेलखंड पैकेज से कराए जा रहे कामों की समीक्षा बैठक में आयुक्त ने लघु सिंचाई विभाग द्वारा 86.92 करोड़ रुपये से चेकडैम आदि कार्यों की सूची तलब की। लघु सिंचाई विभाग को एक अरब 19 करोड़ 40 लाख रुपये मिले हैं।
आयुक्त ने वन विभाग द्वारा 55.57 करोड़ रुपये की लागत से बनवाए गए चेकडैम, मिट्टी डैम, वृक्षारोपण आदि के कामों की सूची सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने के आदेश वनाािधकारियों को दिए। सभी डीएम से कहा कि चेकडैमों की जांच लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं से कराकर जांच रिपोर्ट पेश करें।
अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया कि सिंचाई विभाग की तरह ठेकेदारों की श्रेणी बनाकर डीएम से मंजूरी लेकर काम कराए जाएं। हरेक काम की सीडी बने और कार्य स्थल पर बोर्ड लगाकर उसमें लागत आदि दर्ज की जाए।
भूमि संरक्षण (भूमि जल संसाधन) विभाग द्वारा 83 करोड़ की लागत से बनाए गए चेकडैम और बंधियों आदि कार्यों की सूची डीएम को उपलब्ध कराने को कहा। डीएम को निर्देश दिए कि कार्यों का सत्यापन कराएं।
विशिष्ठ मंडी भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान बांदा डीएम सुरेश कुमार ने बताया कि पडुई गांव मेें निर्माणाधीन ग्रामीण अवस्थापना केंद्र व मंडी समिति के गोदामों का चबूतरा क्षतिग्रस्त पाया गया। आयुक्त ने सहायक अभियंता एके त्रिपाठी को निर्देश दिए कि सभी कामों की सूची संबंधित जिले के डीएम को उपलब्ध कराएं।
कृषि विभाग द्वारा बनवाए गए गोदामों की जांच चारों जनपदों में टीएसी से कराने के निर्देश दिए। बैठक में महोबा डीएम वीरेश्वर सिंह, चित्रकूट डीएम नीलम अहलावत सहित मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।