बांदा। रोजाना चेकिंग और छापों में दर्जनों उपभोक्ताओं पर नोटिस और एफआईआर जैसी कार्रवाइयां किए जाने के दावों के बीच बिजली विभाग अपना बकाया या जुर्माना गिने चुने लोगों से ही वसूल पा रहा है। मात्र तीन फीसदी उपभोक्ताओं से ही वसूली की गई है। चेकिंग में पकड़े गए एक सैकड़ा से ज्यादा मामले शायद ठंडे बस्ते में चले गए या रफादफा कर दिए गए।
अधिशासी अभियंता (नगरीय) वितरण खंड राजीव रंजन द्वारा आरटीआई में दी गई ताजा सूचना में चालू वर्ष 2025 के बीते साढ़े आठ माह (मध्य अगस्त) तक के दिए आंकड़ों में बताया है कि इस अवधि में उनके कार्यालय को बिजली चोरी आदि की कुल 603 चेकिंग रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। इनमें 498 उपभोक्ताओं पर एफआईआर और राजस्व निर्धारण कर नोटिस जारी की गई हैं।
यह भी बताया है कि उक्त मामलों में मात्र 17 उपभोक्ताओं से बकाया एवं शमन शुल्क के रूप में चार लाख तीन हजार 429 रुपये जमा कराए गए हैं। यानी एफआईआर और नोटिसों की संख्या के सापेक्ष सिर्फ तीन प्रतिशत उपभोक्ताओं से ही वसूली हुई है। दी गई सूचना के अनुसार 603 चेकिंग में सिर्फ 498 लोगों पर नोटिस देने की कार्रवाई हुई है। शेष 105 मामले ठंडे बस्ते में चले गए या रफादफा हो गए। अधिशासी अभियंता का यह भी कहना है कि बकाया या शमन शुल्क जमा न करने वालों पर धारा तीन एवं धारा पांच के तहत कार्यवाही की गई है।