बांदा। मजबूत साक्ष्यों और 25 गवाहों के बयानों के साथ मासूम से दुष्कर्म व हत्या की 150 पन्नों की चार्जशीट सोमवार को अदालत में दाखिल की गई। घटना के 14वें दिन दाखिल की गई चार्जशीट में पुलिस ने अपहरण, बंधक बनाकर रखना, दुष्कर्म के बाद मरणासन्न अवस्था में छोड़ देना, हत्या, पाक्सो और मुठभेड़ की धारा लगाई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट के अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी इसमें शामिल किया है। अदालत में आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। दरिंदगी का यह मामला अब अदालत में चलेगा। आरोपी जेल में है। उसका पूरा परिवार भी गांव में नहीं है।
चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन वर्षीय मासूम के साथ तीन जून को शादीशुदा युवक ने टॉफी देने के बहाने अपने घर बुलाया और दुष्कर्म किया था। घटना में सिर में चोट आने और प्राइवेट पार्ट और मल द्वार के क्षतिग्रस्त होने से बेहोश हुई मासूम को मछली रखने वाले आइस बाक्स में रखकर आरोपी गांव से 10 किलोमीटर दूर पदारथपुर के जंगल में फेंक आया था। घर पहुंचने पर शाम करीब छह बजे मां आरोपी के पैंट में खून और गंदगी देखने पर उस पर झपटी थी, जिस पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर घर के अंदर घुस गया था।
शाम छह बजे से रात नौ बजे तक बच्ची का तलाशने के बाद जब वह नहीं मिली थी तो पिता ने चिल्ला थाने में गुमशुदगी और उसके साथ अनहोनी होने की बात कहकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रात नौ बजे से पुलिस सक्रिय हुई थी। मां के शक के आधार पर पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद निशानदेही पर रात दो बजे रात बच्ची को जंगल में झाड़ियों से बरामद किया गया था। बच्ची को जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराने के बाद पुलिस ने आरोपी को भी गोली लगने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
पूरे प्रकरण में पुलिस ने 14 दिन में अपनी विवेचना को पूरी कर न्यायालय में दाखिल किया है। चार्जशीट में गांव में मासूम के माता-पिता, प्रधान, डॉक्टर, पुलिस, पड़ोसी समेत 25 लोगों के बयान शामिल किए गए हैं। तकरीबन 150 पन्ने की चार्जशीट तैयार की गई है। पुलिस की ओर से सभी मजबूत साक्ष्य चार्जशीट में शामिल किए गए हैं।
चार्जशीट में ये साक्ष्य किए हैं शामिल
- दुष्कर्म पीड़िता बच्ची का अंडरगारमेंट्स, आरोपी के खून से सने शर्ट व पैंट व अंडर गारमेंट्स, आइस बाक्स, साइकिल।
- पुलिस मुठभेड़ में बरामद 315 बोर का तमंचा।
-मेडिकल रिपोर्ट (जिला अस्पताल, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा, कानपुर हैलेट)
-पोस्टमार्टम रिपोर्ट- (शरीर में इंजरी, गला दबाने का प्रयास)
- माता-पिता, पड़ोसी, गांव के प्रधान, डॉक्टर टीम (जिला अस्पताल, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, कानपुर हैलेट), विवेचक, पुलिसकर्मी, 25 लोगों के बयान।
- धाराएं- अपहरण, बंधक बनाकर रखना, दुष्कर्म के बाद मरणासन्न अवस्था में छोड़ देना, हत्या, पाक्सो और मुठभेड़।
वर्जन
-मजबूत साक्ष्यों, ठोस गवाहों से युक्त तकरीबन 150 पन्नों की चार्जशीट अदालत में सोमवार को दाखिल की गई है। मामला अब अदालत में चलेगा। हम और जिलाधिकारी अदालत से निवेदन करेंगे कि जल्द से जल्द इस मामले में सजा हो। पूरा प्रयास होगा कि दोषी को फांसी की सजा मिले। -पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक, बांदा।