बुंदेलखंड में उच्च शिक्षा क्षेत्र में खास मुकाम रखने वाले पंडित जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज का तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह भव्य आयोजन के साथ शुरू हो गया। इस मौके पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति ने कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था को सराहा।
शनिवार को महाविद्यालय परिसर के भव्य पंडाल में समारोह की शुरुआत जगद्गुरु और विकलांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट के कुलाधिपति रामभद्राचार्य, बुंदेलखंड यूनीवर्सिटी (झांसी) के कुलपति अविनाशचंद्र पांडेय, कृषि विश्वविद्यालय (बांदा) के कुलपति प्रो.मिल्खा सिंह औलख और सुप्रसिद्ध गायक एवं संगीतकार रवींद्र जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर की।
प्राचार्य और समारोह संयोजक डॉ.नंदलाल शुक्ल ने इन सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया। कुलपति श्री पांडेय ने अपने संबोधन में कहा है कि महाविद्यालय की स्थापना उसी वर्ष (1964) में हुई जिस वर्ष में उनका जन्म हुआ।
उन्होंने महाविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था को सराहा और यहां के टीचर्स को इस बात के लिए शाबासी दी कि परीक्षाफल 90 फीसदी रहता है। छात्र-छात्राओं में यहां प्रवेश पाने की होड़ रहती है। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में सांध्यकालीन कक्षाओं का संचालन हो रहा है। यह इस बात का संकेत है कि शिक्षा व्यवस्था उत्कृष्ट है।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय के 50 वर्ष पूरा होना निश्चित तौर पर खुशी का मौका है, लेकिन अब इसे विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाना चाहिए। इसके लिए शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर कड़ा रोष जताया।
कृषि विश्वविद्यालय (बांदा) कुलपति प्रो.मिल्खा सिंह औलख ने अपने संबोधन की शुरूआत इस शेर से की कि ‘आस नहीं तो मंजिल कहां, मंजिल ऐसी हो जो जीना सिखा दे, जिस जगह इस वक्त खड़ा है कारवां वो मेरी मंजिल नहीं है दोस्त।’ समारोह में नामचीन संगीतकार और गायक रवींद्र जैन ने गीत प्रस्तुत किया।
मेजबान महाविद्यालय प्राचार्य और समारोह संयोजक डॉ.नंदलाल शुक्ल ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने महाविद्यालय की स्थापना में शरीक रहीं महान हस्तियों और कई पुरा छात्र एवं शिक्षकों का जिक्र भी किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि महाविद्यालय अपनी सफलता का सफर जारी रखेगा।
उद्घाटन समारोह में विकलांग विश्वविद्यालय (चित्रकूट) की कुलसचिव गीता, विधायक दलजीत सिंह, राजादेवी डिग्री कॉलेज प्रबंधक प्रमोद शिवहरे, डीआईओएस एनडी वर्मा, पूर्व सांसद रामरतन शर्मा, अधिवक्ता अशोक दीक्षित, डॉ.मनेाज शिवहरे, बसपा नेता मोहम्मद इदरीस, हारिस जमां खां आदि उपस्थित रहे।
महाविद्यालय प्रवक्ता डॉ.सतीशचंद्र त्रिपाठी, ओंकार चौरसिया, डॉ.एसके सिंह, डॉ.पुष्पेंद्र सिंह यादव, प्रो.एमपी सिंह, डॉ.रोहित सिंह, डॉ.विजय यादव, डॉ.पीके सिंह, डॉ.केएस कुशवाहा, डॉ.डीएल मोर्या, डॉ.राजेश गुप्ता, डॉ.अवधेश कुमार गुप्ता, डॉ.छवि पुरवार, डॉ.लाल बहादुर, डॉ.संतोष भदौरिया, डॉ.आरपी पांडेय आदि ने व्यस्थाएं संभाली। समारोह का संचालन इलाहाबाद से आए कवि शैलेश गौतम ने किया।