महिला हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। कई सख्त कानून भी बनाए गए हैं। पुलिस अपने रवैये में सुधार लाए।
महिलाएं शिक्षित व जागरूक होंगी तभी अपराधों को रोका जा सकता है। ये बातें राज्य महिला आयोग अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने पत्रकारों के समक्ष कहीं। वे मंगलवार को विद्याधाम समिति के कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में महिलाओं के साथ अपराध बढ़े हैं। इन्हें रोकने के लिए महिला आयोग गंभीर है। बुंदेलखंड के हर जिले में महिला सेल खोला जाएगा। महिला थानों को सशक्त किया जाएगा। पीड़ित महिलाओं को यदि जिला स्तर पर न्याय नहीं मिलता तो वे राज्य महिला आयोग में शिकायत भेंजे।
उन्हें त्वरित न्याय मिलेगा। महिला उत्पीड़न व घरेलू हिंसा से संबंधित कानून की महिलाओं को जानकारी देनी होगी। उन्हें जागरूक करना होगा। उन्होंने बिवांर कांड की निंदा की और कहा कि इसमें चाहे सत्ता पक्ष हो या अन्य, दोषियों को सजा मिलेगी।
जुल्म ज्यादती रोकने को बनना होगा रानी लक्ष्मीबाई
अलीगंज स्थित निजामी पैलेस में विद्याधाम समिति की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग अध्यक्ष जरीना उस्मानी कहा कि सरकार महिलाओं के लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। उसका लाभ लें।
पुलिस अधिकारियों को कहा कि यदि डायल ‘1090’ पर आई शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाए। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष इम्तियाज खान, जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, द्वारिका सिंह मंडेला, डॉ.जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी, राजेंद्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट चित्रलेखा, एके पुष्कार, जिला कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां, प्रोवेशन अधिकारी वर्मा आदि मौजूद रहे। आयोजक विद्याधाम समिति अध्यक्ष राजाभइया, जन पैरवी मंच, सृजन सोसायटी की उमा शुक्ला इत्यादि मौजूद रहीं।
व्यथा सुन भावुक हुईं
अपनी व्यथा सुनाने आईं घरेलू हिंसा का शिकार महिलाएं महिला आयोग अध्यक्ष के समक्ष फफक पड़ीं। इससे मंच पर मौजूद अध्यक्ष भी भावुक हो गईं और उनके आंखों से आंसु छलक पड़े।
नौगवां (नरैनी) से आई संतकली ने बताया कि उसकी शादी तीन साल पहले डाड़ी पुरवा में हुई थी। दहेज लोभी ससुरालीजनों ने उसे दो साल प्रताड़ित किया और घर से निकाल दिया। उसने थाने से लेकर डीआईजी तक गुहार लगाई।
थक-हारकर मायके में चुप होकर बैठ गई। गुढ़ा की आरती ने बताया कि पति शराबी है। सारे जेवर बेच दिए। एक दिन जलाकर मार डालने की कोशिश की। गिरवां में महिला थानाध्यक्ष होने के बावजूद उसकी व्यथा नहीं सुनी। पुकारी (नरैनी) से आई शाहिना बमुश्किल चार शब्द बोल सकी और फफक पड़ी।
बताया कि मां विकलांग है। दहेज की मांग पूरी न कर पाने से ससुराल वालों ने छोड़ दिया है। उधर, गीता (अतर्रा) को ससुराल वालों ने इसलिए छोड़ दिया कि वह बेटे को नहीं जन्म दे सकी। नीलू (नरैनी) ने बताया कि पति हनुमान ने उसे प्रताड़ित करता है।
जहर खिलाकर उसे व तीन बच्चों को मारने की कोशिश की। वहीं संगीता (अतर्रा) का पति सचिवालय लखनऊ में नौकरी करता है। उसने दूसरी शादी कर ली है।
महिला कैदियों से की मुलाकात
राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने मंगलवार को सुबह मंडल कारागार का निरीक्षण किया। यहां महिला कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। बैरिक का निरीक्षण कर पेयजल व अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि महिला कैदियों को स्वावलंबी बनाने के लिए जेल में ही व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अध्यक्ष ने पुरुष बैरकों और पाकशाला का भी निरीक्षण किया। इस दौरान जेल अधीक्षक एचवी सिंह, एसपी राकेश शंकर, सीओ सिटी विनोद सिंह, एडीएम डीएस पांडेय और सिटी मजिस्ट्रेट चित्रलेखा मौजूद रहीं। श्रीमती उस्मानी ने महिला अस्पताल जाकर मरीजों का भी हालचाल लिया।
बेड में चादर व गद्दे गंदे मिलने पर नाराजगी जताई। चिकित्साधीक्षक को निर्देश दिया कि मरीजों को किसी भी हालत में बाहर की दवाएं नहीं लिखें।