बांदा। चौधरी चरण सिंह की जयंती पर कृषि, पशुपालन,
मत्स्य, उद्यान विभाग ने उत्कृष्ट खेती व बागवानी करने वाले 36 किसानों को
प्रशस्तिपत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कई किसान सम्मान
लेने नहीं आए। किसानों की कुर्सियों पर गिने-चुने किसान नेता और कर्मचारी
ही नजर आए। जयंती समारोह को औपचारिकता के बीच निपटा लिया गया।
विकास
भवन परिसर में बुधवार को डीएम सुरेश कुमार ने चौधरी चरण सिंह के चित्र के
सामने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
उन्होंने गेहूं, खरीफ और सब्जी और बागवानी में बेहतर उत्पादन करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र और नकद धनराशि देकर सम्मानित किया।
कहा
कि किसानों को पारंपरिक खेती का मोह छोड़ जैव विविधता पर जोर देना होगा।
तकनीकी खेती पर भी बल दिया। कहा कि शासन-प्रशासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।
सीडीओ
राम कुमार ने कई किसानों को सम्मानित कर कहा कि मत्स्य पालन, पशुपालन,
बकरी पालन और व्यवसायिक खेती कर बुंदेलखंड में दैवीय आपदा की मार झेल रहे
किसान अपनी बदहाली दूर कर सकते हैं।
विकास भवन में परिसर में कृषि
मेला भी लगा। इसमें यूपी एग्रो, उद्यान, दुग्ध विकास, मत्स्य, पंचायती राज,
कृषि, पशुपालन व भूमि संरक्षण आदि विभागों के स्टाल लगाए गए थे।
डीएम
व सीडीओ ने इनका निरीक्षण किया। ज्यादातर कुर्सियों पर किसान नेताओं और
कर्मचारियों पर कब्जा रहा। कई किसानों को बैठने के लिए कुर्सी भी मयस्सर
नहीं हुई।
समारोह को डीडी कृषि उमेशचंद्र कटियार, जिला कृषि
अधिकारी बालगोविंद यादव, एआर कोआपरेटिव सुरेश कुमार, एक्सईएन केन कैनाल ओपी
मौर्या व भूमि संरक्षण अधिकारी ने भी संबोधित किया।