बांदा। राज्य कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल बुधवार
को खत्म हो गई। दूसरे दिन भी राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले
हड़ताली कर्मचारियों ने मांगों का हवाला देकर प्रदेश सरकार को खबरदार किया।
कहा कि उनके साथ सहानुभूति का रवैया नहीं अपनाया गया तो परिणाम
भुगतने होंगे। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
बुधवार
को परिषद के तत्वाधान मेें हड़ताली कर्मियों की सभा सीएमओ कार्यालय परिसर
में हुई। बड़ी संख्या में कर्मचारी शरीक हुए। मांगों को दोहराया गया।
परिषद
अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव और महामंत्री आरजे शर्मा ने कहा कि राज्य
कर्मचारियों को भी केंद्र के समान भत्ते दिए जाने चाहिए।
पुरानी
पेंशन व्यवस्था बहाल करने समेत 10 मांगे पूरी करने की प्रदेश सरकार से मांग
की गई। महामंत्री आरजे शर्मा ने बताया कि सभा में ही सिटी मजिस्ट्रेट आरके
श्रीवास्तव और पुलिस उपाधीक्षक विनोद सिंह को परिषद ने अपना ज्ञापन सौंपा।
परिषद संरक्षक लालजी सोनकर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नर्वदा चतुर्वेदी,
राजस्व संग्रह अमीन संघ अध्यक्ष ओम प्रकाश दीक्षित, ग्राम विकास अधिकारी
संघ अध्यक्ष प्रमोद कुमार द्विवेदी, विकास भवन कर्मचारी संघ अध्यक्ष रीता
सिंह ने भी संबोधित किया।
सरदार खां, शिवकरन तिवारी (बबेरू), नत्थू
प्रसाद कबीर (अतर्रा), रामसनेही (नरैनी), शशिकरण शुक्ल (कमासिन), लता सिंह
(महुआ), श्याम गुड्डी (बिसंडा), बाबूलाल (पैलानी), इसहाक अहमद (बांदा) भी
शामिल रहे।
उधर, बबेरू में भी राज्य कर्मचारियों की हड़ताल जारी
रही। सीएचसी में आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्य नहीं हुए। अध्यक्ष
गीता अवस्थी सहित मंत्री आसिफ अली, सुखनिधान गुप्ता, धीरेंद्र सिंह शामिल
रहे।