सर्किट हाउस में अफसरों के साथ बैठक करते केंद्रीय बाढ़ आंकलन समिति के सदस्य।
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बांदा। यमुना और केन नदियों से इस वर्ष बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने आई चार सदस्यीय केंद्रीय टीम ने सोमवार को पैलानी तहसील के तारा गांव का जायजा लिया। प्रशासन द्वारा किए गए राहत कार्यों और मदद आदि के बारे में बाढ़ प्रभावितों से जानकारी ली। इसके पूर्व केंद्रीय टीम ने सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ और राहत कार्यों के बारे में विचार विमर्श किया।
केंद्रीय टीम में डा. मान सिंह निदेशक कृषि मंत्रालय (नई दिल्ली), बीसी विश्वकर्मा निदेशक अपर सचिव बेसिक सीडब्लूसी (लखनऊ), लवकुश सिंह उप सचिव केंद्रीय ऊर्जा प्राधिकरण (नई दिल्ली), बलवीर सिंह परियोजना निदेशक यूपीएसडीएम (लखनऊ) शामिल थे।
सर्किट हाउस बैठक में अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह, उप जिलाधिकारी पैलानी मंसूर अहमद, एसडीएम बबेरू महेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी डा. प्रमोद कुमार, पशु चिकित्साधिकारी आईएन सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी राजीव शुक्ला और अधिशासी अभियंता विद्युत, जल निगम, पीडब्ल्यूूडी आदि मौजूद रहे। एडीएम ने बताया कि केन व यमुना नदी की बाढ़ से जनपद की दो तहसील पैलानी व बबेरू में फसलों व कच्चे मकानों को क्षति पहुंची है। कृषि अनुदान के लिए शासन को 8.50 करोड़ की मांग की गई है।