बांदा। सिर्फ गले मिलकर नहीं, दिल मिलाकर भी एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हुए ईद मनाएं। यह बात ईदगाह में मौलाना रियाज (हथौरा) ने नमाज़ अदा कराने से पहले अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि कुरान को पढ़ने के साथ उसे समझना भी जरूरी है। शनिवार को ईद का पर्व खुशी और जोश से मनाया गया। मुख्य ईदगाह में हजारों लोगों ने नमाज़ अदा की।खुतबा के बाद सामूहिक दुआ में देश और दुनिया में अमन व आपसी मोहब्बत पैदा करने तथा जुल्म करने वालों के खात्मे की दुआ की गई। शहर काजी मौलाना कमरुद्दीन ने इंसानियत का जज्बा पैदा करने पर जोर दिया।
मुतावल्ली डॉ. शेख सादी जमां ने नमाजियों और प्रशासन व पुलिस के सहयोग पर आभार जताया। प्रशासन व पुलिस के सभी आला अफसर मौजूद रहे। बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात रहा। ईदगाह के अलावा सरवर साहब की मस्जिद , हाथी खाना रब्बानिया मस्जिद, मरकज़ मस्जिद , मदीना मस्जिद छावनी, केवटरा ईदगाह, बोड़े की मस्जिद, ऊंट मोहाल , पीरा मस्जिद, आजाद नगर, अरदली बाजार, डिग्गी चौराहा, मस्जिद गौसिया , जिन्नातों की मस्जिद , शिया मस्जिद जीजीआईसी सड़क, छिपटहरी आदि इलाकों की मस्जिदों में भी नमाज में भारी भीड़ रही।
इनसेट - मुस्लिमों को गले लगाने की नेताओं में होड़
ईदगाह में मुस्लिमों को ईद की मुबारकबाद देने की राजनीतिक दलों में होड़ नजर आई। पीडीए की पैरोकार सपा इसमें अव्वल रही। सपा की सांसद कृष्णादेवी पटेल और उनके पति पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल, पूर्व सांसद विशंभर निषाद, ओम नारायण त्रिपाठी विदित, बार संघ पूर्व अध्यक्ष अशोक दीक्षित, आत्मा राम यादव, प्रमोद गुप्ता, भूपत यादव शामिल रहे। उधर, कांग्रेस के पंडाल में जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित और उनकी टीम मौजूद रही। बसपा से पूर्व अध्यक्ष बलदेव वर्मा तथा अन्य बसपा नेताओं ने मुबारकबाद दी। रेडक्रास सोसाइटी के बाबूलाल गुप्ता, पूर्व प्रधानाचार्य बीना गुप्ता भी गले मिलकर मुबारकबाद देते रहे।