सुबह से बैंक में लाइन लगाए दर्जन भर से ज्यादा गांवों के लोग दोपहर को बैंक में कैश न होने का नोटिस टांगते ही उग्र हो गए। बैंक के साथ ही पुलिस के विरोध में भी नारे लगाने लगे। लोगाें ने बैंक का दरवाजा बंद कर सामने स्थित बांदा-फतेहपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। चौकी प्रभारी विजय सिंह फोर्स के साथ आए और खाताधारकों को खदेड़ दिया। एक खाताधारक की पिटाई कर उसे चौकी ले जा रहे थे। इस पर भीड़ ने घेर लिया। कई महिलाएं और बूढ़े भगदड़ में गिरकर जख्मी हो गए।
फतेहपुर में खाताधारकों की पिटाई पर एसपी तक के निलंबन के बाद भी सीमा से जुड़े बेंदाघाट चौकी प्रभारी ने कोई सबक नहीं लिया। पुलिस ने धीरज सिंह (खैरीहार) की लात घूंसों से पिटाई कर दी और पकड़कर चौकी ले जाने लगे। इस पर गुस्साई भीड़ ने चौकी प्रभारी को घेर लिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने धीरज सिंह को छोड़ दिया। साथ ही कहा कि कोई काम द्वेषवश नहीं किया।
चौकी प्रभारी पर लगातार आरोप लग रहे हैं कि वे चहेतों को जमा और निकासी करा रहे हैं। आम खाताधारक खड़ा रह जाता है।
खैरीहार के बच्चा वर्मा ने बताया कि वह 10 दिन से बिना कैश लिए लौट रहा है। उसे अपनी दवा लानी है। घर में पैसा नहीं है। माचा गांव के छुटकवन ने कहा कि खाद, बीज बगैर पलेवा किया खेत पड़ा है। उधर, बैंक के प्रभारी मैनेजर राजेश कुमार शुक्ल ने बताया कि बृहस्पतिवार को 305 खातेधारकों में साढ़े नौ लाख रुपये बांटे गए थे। शुक्रवार को एक रुपया भी कैश नहीं मिला
नरैनी में भी लगाया जाम
नरैनी। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में कैश न मिलने से भड़के खाताधारकों ने अतर्रा-नरैनी मार्ग पर जाम लगा दिया। दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। खाताधारकों का कहना था कि रोजाना बैरंग लौटाया जा रहा है। उनके घरों में रोजमर्रा की जरूरत का सामान भी नहीं बचा। गांवों से किराया भाड़ा खर्च कर लोग बैंक आते हैं और खाली हाथ लौट जाते हैं। उधर, बैंक मैनेजर गोपाल गुप्ता कहना था कि बुधवार को कुछ कैश बांटा था। उसके बाद कैश नहीं मिला। अन्य बैंकों में भी यही स्थिति है। 11 बजे से लगा जाम पुलिस अधिकारियों ने आकर खुलवाया।
गिने-चुने लोगों को कैश बांट टांग दी तख्ती
बांदा। नोटबंदी के 30वें दिन बाद भी शहर के बैंकों में कैश निकासी के लिए खाताधारक परेशान रहे। लगभग सभी बैंकों में कैश का टोटा रहा। जो कैश था गिने-चुने लोगों को बांटकर बैंकों ने कैश खत्म के नोटिस टांग दिए।
कचहरी स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में लाइन में लगे खाताधारकों को मात्र दो हजार रुपये दिए गए। प्रबंधक का कहना है कि मुख्यालय से कैश कम आ रहा है। उधर, कोतवाली के सामने स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की मुख्य शाखा में गिने-चुने लोगों को कैश बांटने के बाद पैसा खत्म होने का नोटिस टांग दिया।
कैशियर देवेंद्र कुमार का कहना था कि करेंसी न मिलने से आए दिन समस्या हो रही है। बताया कि दो दिन में लगभग साढ़े पांच लाख रुपये बांटे गए। अमर टाकीज स्थित एसबीआई की सिटी ब्रांच में भी दो हजार रुपये ही दिए गए। सिटी ब्रांच के दोनों एटीएम बंद रहे।