बांदा में बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती पर सीबीआई ने पाक्सो एक्ट की कई और धाराएं लगा दी हैं। सीबीआई ने आरोपी जेई और उसकी पत्नी पर पाक्सोे एक्ट की धारा छह भी लगाई है। इस धारा में उम्रकैद या सजा-ए-मौत का प्राविधान है।
अब इस पर अदालत 19 जनवरी (मंगलवार) को सुनवाई के बाद अपना फैसला देगी। उधर, आरोपी जेई रामभवन की पत्नी दुर्गावती द्वारा दाखिल की गई जमानत अर्जी का सीबीआई ने अदालत में अपना विरोध पत्र दाखिल करते हुए जमानत अर्जी न्याय हित में खारिज करने का अनुरोध किया है।
सोमवार को यहां विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट/पंचम अपर जिला जज) मोहम्मद रिजवान अहमद के समक्ष अदालत में सीबीआई के उपाधीक्षक और इस केस के विवेचना अधिकारी अमित कुमार ने आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती पर पाक्सो एक्ट की कई अलग-अलग धाराएं निरुद्ध करते हुए अभिलेख पेश किए।
आरोपी जेई की पत्नी भी हुई थी गिरफ्तार
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रामभवन पर पाक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 8, 10, 12, 15 और 17 लगाईं गईं हैं। पाक्सो एक्ट की धारा छह में उम्रकैद या सजा-ए-मौत का भी प्राविधान है। जेई रामभवन की पत्नी दुर्गावती पर धारा 4, 6, 8, 10 व 12 लगाई गई है। सीबीआई ने धारा 377 आईपीसी व 120बी तथा आईटी एक्ट की धारा 67बी और 14 पाक्सो एक्ट पहले से ही लगा रखी है।
सीबीआई द्वारा बढ़ाई गई इन धाराओं पर अदालत मंगलवार (19 जनवरी) को सुनवाई करेगी। सीबीआई और आरोपी पक्षों की दलीलें सुनेगी। उधर, आरोपी दुर्गावती की जमानत अर्जी पर 25 जनवरी को सुनवाई होगी। सीबीआई के विवेचक ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दुर्गावती की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए न्याय हित में इसे खारिज करने का अनुरोध किया है।
धारा-4 : बच्चों के साथ दुष्कर्म या कुकर्म।
धारा-6 : बच्चों को गंभीर चोट पहुंचाना। इसमें 7 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और जुर्माने का प्राविधान है।
धारा-8 : जिन बच्चों के गुप्तांग से छेड़छाड़ की जाती है उस पर यह धारा लागू होती है। इसमें दोष सिद्ध होने पर 5 से 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
धारा-10 : लैंगिक हमला। इसमें 5 से 7 वर्ष की कैद और जुर्माना का प्राविधान है।
धारा-12 : किसी बालक पर लैंगिक उत्पीड़न या बालक का अश्लील प्रयोजनों के लिए उपयोग करना। इसमें 3 वर्ष तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।
धारा-15 : इसमें 12 साल तक की बच्चियों से बलात्कार के अपराध में कम से कम 20 साल की कैद और इस आयु वर्ग की बच्चियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के अपराध में उम्रकैद या मृत्युदंड का प्राविधान है।
धारा-17 : इस धारा में बालक पर सामूहिक प्रवेशन लैंगिक हमले पर कम से कम 7 वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकेगी। जुर्माना भी होगा।