करतल। मध्यप्रदेश के किसानों ने नहर के पानी को रोक लिया है। इससे सीमाक्षेत्र के सैकड़ों बीघे खेत में धान की फसल को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा। पानी की कमी होने से फसल खराब हो रही है। इससे किसान परेशान हैं।
सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अंतर्गत बरियारपुर बांध से मुख्य कैनाल का संचालन होता है। यह मप्र के कई गांवों से होते हुए यूपी के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराती है। सिंचाई विभाग के नहर कोठी पुल पर मप्र के किसानों ने मुख्य नहर पर रोक लगा दी। इससे नहर का वाटर लेवल ऊपर बढ़ गया है और मप्र के किसान खेतों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी लेते हैं।
वहीं मुख्य नहर में रोक लगने से उप्र की ओर नहर का जलस्तर कम होने से माइनर में पानी नहीं चढ़ पाता। इससे सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिल पाता। मुकेरा किशनी पुरवा माइनर, रामनयी नहरी माइनर व महारानी माइनर से पानी न मिलने से धान की सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसान परेशान हैं। किसानों ने बताया कि माइनर से पानी का बहाव बंद है। धान की फसलों को सिंचाई की आवश्यकता है। पानी की कमी से धान की फसल खराब हो रही है।
-
समस्या से निजात नहीं मिली
मुकेरा माइनर में पानी न आने से धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही। मप्र की ओर से पानी बंद किया गया है। अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल पाई।
इंद्रपाल, किसान
मप्र की ओर से मानपुर झाल तोड़ दी गई है। नहरी कोठी पुल में बांस बल्लियों से रोक लगा दी गई है। पानी न मिलने से किसान परेशान हैं। जल्द ही समस्या का समाधान न हुआ तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
मानसिंह, किसान
वर्जन
माइनर रोकने की जानकारी मिली है। सींचपाल को मौके पर भेजा गया है। जल्द ही किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, प्रखंड तृतीय
फोटो - 18 नहर कोठी पुल में पानी रोकने के लिए लगी रोक। संवाद
फोटो - 18 नहर कोठी पुल में पानी रोकने के लिए लगी रोक। संवाद