बांदा। बरियारपुर बांध में मध्य प्रदेश द्वारा खोदी जा रही अवैध नहर को लेकर उत्तर प्रदेश से शुरू हुई जंग अब कागजों में दौड़ने लगी है। दोनों राज्यों के सिंचाई विभाग अधिकारियों की दो बार हुई बैठकें बेनतीजा होने के बाद बांदा के सिंचाई विभाग अधिशासी अभियंता ने यूपी और एमपी दोनों ही के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर नहर की खुदाई अवैध बताई है। साथ ही मध्य प्रदेश के अधिकारियों से इसके अभिलेख मांगे हैं।
मध्य प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा बरियारपुर बांध के नजदीक यूपी की जमीन पर नहर खोदने का मामला 29 अप्रैल को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी के बाद यूपी सिंचाई विभाग के अभियंताओं की नींद टूटी। उधर, डीएम योगेश कुमार ने खबर का संज्ञान लेते हुए बांदा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तलब कर तत्काल मौके पर जाने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
रविवार को बांदा सिंचाई प्रखंड तृतीय के अधिशासी अभियंता योगेश रावल मध्य प्रदेश पहुंचे और वहां मध्य प्रदेश के सिंचाई अभियंताओं के साथ बैठक की। मध्य प्रदेश सिंचाई अभियंता नई नहर खुदवाने संबंधी कोई अभिलेख नहीं पेश कर सके। बांदा के अभियंताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए नहर खुदाई का काम बंद करा दिया। यह अभी भी बंद है।
अधिशासी अभियंता श्री रावल ने अब इस मामले से यूपी और एमपी के सिंचाई विभाग उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया है। छतरपुर (एमपी) के अधीक्षण यंत्री (जल संसाधन मंडल) और पन्ना के कार्यपालन यंत्री सहित मुख्य अभियंता (सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश, झांसी), अधीक्षण अभियंता (सिंचाई कार्य मंडल, बांदा) और जिलाधिकारी बांदा को भेजे पत्र में कहा है कि बरियारपुर वियर के दाहिने किनारे से अप स्ट्रीम में नहर बनाकर मझगवां बांध में ले जाई जा रही है।
यह कार्य उत्तर प्रदेश के स्वामित्व वाली भूमि में बिना किसी सूचना एवं सहमति के शुरू कर दिया गया है। अधिशासी अभियंता ने लिखा है कि 29 अप्रैल को मध्य प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के साथ हुई बैठक में वहां के अभियंता उत्तर प्रदेश सरकार की एनओसी या सहमति नहीं दिखा सके। ऐसे में नहर खुदवाई का काम रोक दिया गया है।
पत्र में मध्य प्रदेश के अधीक्षण यंत्री से नहर संबंधी प्रस्ताव और अन्य अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। ताकि उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा सके और उच्च पर निर्णय हो। अधिशासी अभियंता श्री रावल ने छतरपुर जाकर वहां के अधीक्षण यंत्री से मुलाकात भी की है। उधर, अधिशासी अभियंता की यह रिपोर्ट यहां जिलाधिकारी को भी मिल गई है। वह प्रदेश सरकार को इस बारे में अवगत कराएंगे।