बांदाः नवाबी जामा मस्जिद में जुमा की नमाज के बाद कैंप में वैक्सीन के लिए नाम लिखाते नमाजी।
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बांदा। तीसरी लहर में वैक्सीनेशन की वकालत मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी की है। उधर, प्रशासन भी मुस्लिम वर्ग में टीकाकरण के लिए कवायदों में जुट गया है। शुक्रवार को जुमा की नमाज के मौके पर मंडल मुख्यालय की प्रमुख मस्जिदों में विशेष टीकाकरण कैंप लगाए गए। शहर की प्रमुख नवाबी जामा मस्जिद में डीएम अनुराग पटेल यहां खुद पहुंचे। उनकी मौजूदगी में नमाजियों ने टीकाकरण कराया।
वैक्सीनेशन (टीकाकरण) का ग्राफ बढ़ाने के लिए धर्मस्थलों और धर्म गुरुओं की ली जा रही मदद में शुक्रवार को मस्जिदों में साप्ताहिक नमाज के दौरान लगाए गए विशेष कैंपों में डेढ़ सैकड़ा से ज्यादा नमाजियों (मुस्लिमों) ने वैक्सीन लगवाई। बहुत से लोग पूर्व से सूचना न मिलने से बिना आधार कार्ड आदि के मस्जिद आए थे। जिससे वह वैक्सीन नहीं लगवा सके। शहर की मुख्य जामा मस्जिद, शेख सरवर मस्जिद (कालवनगंज), मरकज वाली मस्जिद (कोतवाली रोड) में यह कैंप लगाए गए। जहां पर कुल 337 लोगों को पहली डोज दी गई।
नवाबी जामा मस्जिद व ईदगाह के मुतवल्ली डा.शेख सादी जमां ने कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर किसी तरह का शक-सुबहा फालतू बात है। कोरोना और ओमिक्रॉन वायरस से बचाव के लिए पूरी दुनिया में लोग वैक्सीन ले रहे हैं। इसमें मुस्लिम मुल्क भी आगे हैं। अपनी सेहत और जिंदगी के लिए सभी को वैक्सीन के दोनों डोज लेनी चाहिएं।
हाजी सैय्यद शब्बीर अली (बबलू) ने कहा कि हर इंसान को वैक्सीन लगवाना चाहिए। इसमें धर्म-मजहब कहीं आड़े नहीं आता। कोरोना के खिलाफ हमारे मुल्क में लड़ी जा रही जंग में हम सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी है। कोविड गाइड लाइन पर अमल करना है। अपनी सेहत और जिंदगी से लोग खिलवाड़ न करें तो बेहतर है।
जामा मस्जिद के इमाम मौलाना हाफिज इकामुद्दीन ने कहा कि कई शहरों में वैक्सीन के लिए मस्जिदों से एलान किया गया है। पूरी दुनिया में फैली वबा (महामारी) से बचना जरूरी है। बड़ी तादाद में हमारे शहर के लोग वैक्सीन ले चुके हैं। इसमें मुस्लिम भी हैं। सभी को बिना किसी गुरेज के यह टीका लगवाना चाहिए।
शेख सादी जमां- फोटो : BANDA
हाजी सैय्यद शब्बीर अली (बबलू)- फोटो : BANDA
मौलाना हाफिज इकामुद्दीन- फोटो : BANDA