बांदा। नवनिर्मित राजकीय मेडिकल कालेज में लगे स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की भीड़ जुटी। झांसी मेडिकल कालेज के पांच डाक्टरों की टीम ने 570 मरीजों को देखा। 18 मरीजों को आपरेशन के लिए चिह्नित किया। दवा वितरण कक्ष में मरीजों की लाइन लगी रही।
बसपा सरकार में बने मेडिकल कालेज की शुरुआत मौजूदा सरकार के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले वर्ष मार्च में ओपीडी का उद्घाटन करके की थी। बकाया बजट सपा सरकार ने दिया। भव्य इमारत में डाक्टरों और उपकरणों की कमी से ज्यादा मरीज आकर्षित नहीं हुए।
गिने-चुने मरीजों से मेडिकल कालेज में सन्नाटा नजर आता रहा। अब एक दर्जन से ज्यादा डाक्टरों की संविदा व स्थायी रूप से तैनाती हो गई है। कुछ उपकरण भी आ गए हैं। फिर भी मेडिकल कालेज के मानक के मुताबिक मरीजों की आमद नहीं हो रही थी। इसलिए मेडिकल कालेज प्रबंधन ने शिविरों का सहारा लिया है।
सोमवार को झांसी मेडिकल कालेज से आए डॉ. दिनेश शुक्ला (न्यूरो सर्जन), डॉ. मनीष जैन (यूरालाजिस्ट), डॉ. मयंक बंसल (आर्थोपेडिक्स), डॉ. कुलदीप चंदेल (फिजीशियन) और डॉ. गौरव सेठ (नेत्र विशेषज्ञ) ने पांच सैकड़ा से ज्यादा मरीज देखे। इनके अलावा यहां तैनात डाक्टरों ने भी मरीज देखे। 18 चिह्नित मरीजों का जनवरी के गुरुवार को आपरेशन होगा। इसके पूर्व इलाहाबाद मेडिकल कालेज के डाक्टरों की टीम ने शिविर में करीब ढाई सैकड़ा मरीजों का चेकअप किया था।
मेडिकल कालेज के प्रोफेसर (रिटर्नी) डॉ. नरेश यादव ने बताया कि हर माह के पहले और तीसरे गुरुवार को मेडिकल कालेज में विशेष शिविर लगेगा। झांसी मेडिकल कालेज के डाक्टरों की टीम मरीज देखेगी। इसके अलावा अगले हफ्ते कानपुर मेडिकल कालेज के डाक्टरों की टीम मरीज देखेगी। उन्होंने बताया कि मरीजों की संख्या दिन बदिन बढ़ रही है। 8 से 10 विभिन्न आपरेशन रोजाना हो रहे हैं।