नरैनी (बांदा)। मादक पदार्थों की तस्करी में दिल्ली में पकड़ा गया नरैनी का आलोक घर से 26 नवंबर को प्रापर्टी डीलिंग के काम से लखनऊ जाने की बात कहकर निकला था। परिजनों का कहना है कि गलत संगत में पड़कर वह गलत रास्ते पर चला गया। वह रिटायर्ड पुलिस महानिरीक्षक का नाती है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को दिल्ली में दो हेरोइन तस्करों को पकड़ा है। इनमें नरैनी नगर निवासी आलोक त्रिपाठी भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक उसके पास 20 करोड़ रुपये की हेरोइन और कई मोबाइल सेट व सिम कार्ड बरामद हुए हैं। आलोक यहां कस्बे के किदवई नगर के संभ्रांत परिवार का है। एक बाबा (पिता के चाचा) पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक रहे। वह सबसे छोटे हैं। दूसरे बाबा प्रतिष्ठित व्यापारी और कांग्रेस के नेता थे। कांग्रेस के टिकट पर 1984 में उन्होंने विधान सभा का चुनाव भी लड़ा था। वह अब नहीं रहे।
आलोक के पिता ब्रह्मानंद त्रिपाठी बताते हैं कि बेटे की शादी वर्ष 2016 में हुई थी। लगभग डेढ़ वर्ष का एक पुत्र है। उसे पढ़ाई के लिए करीब डेढ़ दशक पूर्व इलाहाबाद भेज दिया था। तब से वह वहीं रह रहा है। इंटर के बाद कंप्यूटर का कोर्स किया है। कंपटीशन की तैयारी कर रहा था। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को लखनऊ में प्रापर्टी डीलिंग की बात कहकर घर से निकला था।
आज अखबार से पता चला कि उसे दिल्ली पुलिस ने हेरोइन तस्करी में पकड़ लिया है। नरैनी में उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। न ही कभी कोई रिपोर्ट दर्ज हुई। पिता ने बताया कि कई बार उन्होंने पुत्र आलोक को बिजनेस की सलाह दी। इसके लिए जरूरत के मुताबिक पूंजी देने का भी भरोसा दिलाया। आलोक दो भाइयों में बड़ा है। छोटा भाई यहां माता-पिता के साथ रह रहा है। परिवार के पास काफी खेतीबाड़ी व जमीन हैं।