फाेटो 11 - जिला महिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए खुले काउंटर में बैठीं कर्मी। संवा
बांदा। आयुष्मान कार्डधारक गर्भवतियां अब अपनी सिजेरियन डिलीवरी सिर्फ सरकारी अस्पताल में ही करा सकेंगी। प्राइवेट अस्पताल में उनको आयुष्मान की सुविधा नहीं मिलेगी। जिला महिला अस्पताल में अप्रैल से अब तक आयुष्मान कार्डधारक 248 महिलाओं ने अपनी सिजेरियन डिलीवरी कराई है। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में यह आंकड़ा शून्य है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्डधारक मरीजों को 1409 बीमारियों के इलाज का पैकेज सरकार मुफ्त दे रही है। कोई भी आयुष्मान कार्डधारक व्यक्ति इस कार्ड के माध्यम से अपना पांच लाख रुपये तक इलाज मुफ्त करा सकता है। अभी हाल ही में शासन ने गर्भवतियों के सिजेरियन डिलीवरी को आयुष्मान में शामिल करते हुए, शर्त यह रखी है कि आयुष्मान कार्डधारक गर्भवतियां अपनी सिजेरियन डिलीवरी को सिर्फ सरकारी अस्पताल में करा सकती हैं। ऐसी स्थिति में बांदा के जिला महिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से सिजेरियन डिलीवरी कराने वाली महिलाओं का आंकड़ा ठीक ठाक है। यहां अप्रैल 2025 से 20 जुलाई तक 248 महिलाओं ने आयुष्मान कार्ड से अपनी सिजेरियन डिलीवरी कराई है। जबकि रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में यह आंकड़ा शून्य है। यहां एक भी आयुष्मान योजना के तहत गर्भवतियों ने अपनी सिजेरियन डिलीवरी नहीं कराई है।
वर्जन...
शासन की ओर से आयुष्मान कार्डधारक गर्भवतियों को ऑपरेशन कराने के लिए सिर्फ सरकारी अस्पताल ही मान्य किए गए हैं। यदि कोई आयुष्मान कार्डधारक गर्भवती निजी अस्पताल में अपनी सिजेरियन डिलीवरी कराना चाहती हैं तो उन्हें आयुष्मान कार्ड के तहत मिलने वाला इलाज का पैकेज नहीं मिलेगा। आयुष्मान कार्ड से सिजेरियन डिलीवरी कराने में जिला महिला अस्पताल का आंकड़ा संतोषजनक है। -ऋषिका सिंह , डिस्टि्रक प्रोगाम कोर्डिनेटर, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, बांदा।
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रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान कार्ड के तहत सिजेरियन डिलीवरी कराने वाली महिलाओं का आंकड़ा शून्य है। यहां एक भी इस योजना के तहत ऑपरेशन नहीं किए गए हैं। जबकि आर्थो विभाग का आंकड़ा ठीक ठाक है।- डॉ. एसके कौशल, प्रधानाचार्य, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा।