रमजान माह के 25वें रोजे पर शुक्रवार को आखिरी जुमा यानी जुमातुलविदा की नमाज अदा की गई। बांदा शहर की नवाबी जामा मस्जिद सहित लगभग 28 मस्जिदों में नमाज हुई। इसके अलावा जिले के कस्बों और मुस्लिम आबादी वाले बड़े गांवों में भी अलविदा की नमाज अदा की गई। इमामों ने खुतबे (संबोधन) में ‘अलविदा-अलविदा या शहरुल रमजान’ पढ़ा तो तमाम रोजेदारों की आंखें नम हो गई। 48 डिग्री पारे के बीच भरी दोपहर रोजेदारों ने नमाज अदायगी के बाद मुल्क मेें अमन और तरक्की की दुआएं कीं।
शहर की ऐतिहासिक नवाबी जामा मस्जिद में अंदर मुख्य इमारत और सहन (आंगन) के अलावा बायीं ओर के मैदान सहित सामने सड़क की ओर लगाए गए पंडालों में हजारों लोगों ने नमाज अदा की। मौलाना हाफिज अनस अहमद (हथौरा) ने इमामत की। इसके पहले मौलाना मसर्रत हुसैन ने रमजान की इबादतों और उसकी अहमियत बयां किया। नमाज के बाद जुआ में मुल्क में अमन, तरक्की और भाईचारा की दुआ की गई।
मस्जिद के बाहर टोपी, इत्र आदि की दुकानें सजी रहीं। उधर, सुरक्षा की पूरी व्यवस्था थी। अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप, कोतवाली प्रभारी अखिलेश मिश्रा सहित कई इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर सहित महिला-पुरुष कांस्टेबल तथा ट्रैफिक पुलिस तैनात रही। नगर पालिका में मस्जिद के आसपास सफाई कराकर चूना डलवाया। जल संस्थान ने पानी के टैंकर खड़े किए।
कालवनगंज स्थित शेख सरवर की मस्जिद में भी बड़ी तादाद में नमाजी थे। यहां मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने नमाज अदा कराई। अमन और सलामती की दुआ की। इसके अलावा मरकज वाली मस्जिद (कोतवाली रोड), हाथीखाना मस्जिद, बोड़ा मस्जिद, खुटला, कचहरी मस्जिद, रब्बानियां मस्जिद, ऊंट मोहाल मस्जिद, छावनी, अमानिया मस्जिद में भी अलविदा की नमाज अदा की गई। सभी मस्जिदों में पुलिस की व्यवस्था रही।
ईदगाह में ईद की नमाज आठ बजे
बांदा। मुख्य ईदगाह में ईदुलफित्र की नमाज सुबह ठीक 8 बजे होगी। यह एलान अलविदा की नमाज में जामा मस्जिद मुतवल्ली शेख सादी जमां ने किया। उन्होंने मौसम और धूप के मद्देनजर लोगों से वक्त की पाबंदी की अपील की। उधर, शेख सरवर साहब की मस्जिद में पेश इमाम/शहर काजी मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने ईद की नमाज के लिए सुबह 8:30 बजे का एलान किया। कोतवाली रोड स्थित मरकज वाली मस्जिद में 8:30 और अमानिया मस्जिद (परशुराम तालाब) में सुबह 8 बजे नमाज अदा की जाएगी। ब्यूरो