बांदा। बुंदेलखंड अब नासिक के प्याज पर निर्भर नहीं रहेगा। प्याज का उत्पादन बढ़ाने के लिए इस बार सरकार ने प्याज के लक्ष्य में 62 फीसदी का इजाफा किया है। बुंदेलखंड के झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर में खरीफ व रबी सीजन में करीब 345 हेक्टेयर में प्याज की खेती होगी। इससे करीब 80 हजार क्विंटल से अधिक प्याज के उत्पादन की उम्मीद है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी।
बुंदेलखंड में दलहनी व तिलहनी फसलों को करने का चलन है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार यहां की जमीन प्याज की खेती के लिए मुफीद है। इस वजह से सातों जनपदों में खरीफ व रबी के सीजन में 345 हेक्टेयर में प्याज की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे प्याज के लिए नासिक पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे प्याज के दामों में भी कमी आएगी। इसके पहले 125 हेक्टेयर में प्याज की खेती हुई थी।
प्याज की खेती का लक्ष्य (हेक्टेयर में)
जनपद लक्ष्य
झांसी 130
ललितपुर 50
जालौन 40
बांदा 50
महोबा 25
चित्रकूट 25
हमीरपुर 25
मुफ्त बीज के लिए पंजीयन शुरू
जिला उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में वित्तीय वर्ष 2022-23 में एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत प्याज सहित अमरूद, शंकर शाक भाजी की खेती करने वाले किसानों को मुफ्त बीज व पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए पंजीयन शुरू कर दिया गया है। किसान जिला उद्यान कार्यालय अथवा कैफे से ‘dbt.uphorticulture.in’ पर पंजीयन करा सकते हैं। योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर दिया जाएगा।