कृषि विश्वविद्यालय के ज्ञान प्रायोगिक इकाई में मशरूम खेती पर चर्चा करते कुलपति डा. यूएस गौतम।
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बांदा। मशरूम उत्पादन के आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकी के प्रसार के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली ने बांदा कृषि विश्वविद्यालय में प्रायोगिक ज्ञान इकाई विकसित की है। इसमें युवाओं और किसानों के साथ-साथ अध्ययनरत छात्रों को प्रायोगिक ज्ञान दिया जा रहा है।
कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने बताया कि बुंदेलखंड की जलवायु मशरूम उत्पादन के लिए अनुकूल है। सभी जिलों में कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा मशरूम उत्पादन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को इसकी खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मशरूम इकाई प्रभारी डॉ. दुर्गा प्रसाद ने बताया कि बटन मशरूम, ढीगरी मशरूम तथा मिल्की मशरूम का उत्पादन किया जा रहा है। विभागाध्यक्ष डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मशरूम इकाई को आधुनिक तरीके से विकसित किया गया है। वर्तमान में बटन मशरूम उत्पादन से संबंधित तैयारियां की जा रहीं हैं। यह जानकारी जनसंपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता ने दी।