फोटो - 24 किसान नेता जयराम सिंह के आवास पर मौजूद ब्रजभूषण शरण सिंह। स्त्रोत : स्वयं
बांदा। अस्सी के दशक में जब मुझे आवश्यकता पड़ी तब यहां के लोगों ने मेरे लिए जी-जान लगा दिया। उरई में जब मेरा एक्सीडेंट हुआ और एक अधिकारी मेरी हत्या कराना चाहता था तब यहां से एक हजार लोग वहां पहुंचे और अस्पताल को घेर लिया। मुझे जीवन दान देने वाले यहां के लोगों को मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा। मैं जहां भी हूं आज उसके पीछे सिर्फ और सिर्फ बुंदेलियों का सहयोग और आशीर्वाद है।
मंडल मुख्यालय में चल रही हनुमंत कथा के अंतिम दिन पूर्व सांसद व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे ब्रजभूषण शरण सिंह भी मौजूद रहे। मीडिया से बात करते हुए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मेरे हर कठिन वक्त में बुंदेलखंड ने दिल खोलकर सहयोग दिया है। जिसके लिए धन्यवाद अदा करने के लिए मेरे पास शब्द ही नहीं है।
जब मैं अपने जीवन में पहला चुनाव लड़ा तब मेरा मुकाबला अपने क्षेत्र के एक बाहुबली से था। अस्सी के दशक में बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाएं आम थी, तब बांदा से हजारों लोग वहां पहुंचे और मेरे लिए रात-दिन डटे रहे।जिसका परिणाम रहा कि मैं विजयी हुआ।