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बसपा 27 से छेड़ेगी देशव्यापी आंदोलन

Fri, 24 Apr 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता विरोधी दल, पूर्व कैबिनेट मंत्री और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने किसानों की हालत पर केंद्र और राज्य सरकारों को कोसा। कहा कि मुआवजे के नाम पर किसानों का मजाक उड़ाया जा रहा है। किसानों को मुआवजा हासिल करने के लिए कर्मचारियों को रिश्वत देनी पड़ रही है। बसपा किसानों के पक्ष में 27 अप्रैल से देशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी।
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एक दिवसीय दौरे पर बांदा आए नेता प्रतिपक्ष ने शुक्रवार को अपने अलीगंज मोहल्ला स्थित आवास पर मीडिया से बातचीत में कहा कि बसपा सुप्रीमो ने किसानों की इस हालत पर बेहद दुख जताया है। बहन जी ने पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के पीड़ित किसानों को एक माह का वेतन अपने हाथों से बांटें।

मैं 11 मई को बांदा आऊंगा। तब खुद का और पत्नी एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी का एक माह का वेतन क्षेत्र के गरीब किसानों को बाटूंगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बसपा जनसमस्याओं को लेकर 27 अप्रैल से आंदोलन छेड़ने जा रही है।
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आंदोलन में भूमि अधिग्रहण बिल, बारिश और ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों की मौतों पर सरकारों की उपेक्षा, प्रदेश की कानून व्यवस्था और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा की जा रही कोरी घोषणाओं को मुद्दा बनाया गया है। दूसरे चरण में 2 मई को उत्तराखंड में आंदोलन होगा। इसके बाद हर प्रांत मेें प्रदर्शन किया जाएगा।

बाप-बेटे में कौन सच्चा, कौन झूठा, वे ही जानें
बांदा। फसल के सदमे में किसानाें की मौत और सुसाइड से सरकार और प्रशासन द्वारा इनकार किए जाने पर बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि बृहस्पतिवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा मेें स्वीकार किया है कि यूपी में किसान मर रहा है।

यहां उनके बेटे की सरकार मौतों से इनकार कर रही है। अब इसमें कौन झूठा और कौन सच्चा है, ये वे ही जानें। दिल्ली में जंतर-मंतर पर आप की रैली के दौरान किसान गजेंद्र द्वारा फांसी लगा लिए जाने की घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि इस पर सियासत से सभी को बाज आना चाहिए। किसानाें से हमदर्दी है तो बसपा की तर्ज पर अपना वेतन देकर मदद करें। केंद्र और राज्य सरकार फसल बर्बादी की पूरी भरपाई करें।
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