विधान परिषद चुनाव में बसपा से घोषित प्रत्याशी और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी को नामांकन दाखिल करने में काफी पापड़ बेलने पड़े। उन्हें तीन नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ ही शपथ पत्र भी देना पड़ा।
दरअसल निर्वाचन विभाग द्वारा उनकी आयु दर्ज करने के मामले में की गई गलती के चलते उन्हें ऐसा करना पड़ा। बसपा ने यहां जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखित शिकायती पत्र देकर उम्र संबंधी गड़बड़ी दुरुस्त कराने का अनुरोध किया है।
श्री सिद्दीकी द्वारा यहां के जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि विधान परिषद चुनाव के लिए उन्होंने रिटर्निंग आफीसर/प्रमुख सचिव, विधान सभा के समक्ष चुनाव आयोग की गलती के चलते अलग-अलग पर्चे दाखिल किए। एक पर्चे में 54 वर्ष, दूसरे में 55 वर्ष और तीसरे में 56 वर्ष उम्र दर्शाना पड़ा।
श्री सिद्दीकी ने कहा कि उन्हें बांदा निर्वाचन विभाग से जो मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध कराया गया है उसमें उनकी जन्मतिथि 4 जून 1959 दर्ज है। यही जन्मतिथि उनके हाईस्कूल प्रमाणपत्र में भी दर्ज है।
इसके मुताबिक उनकी उम्र इस समय 55 वर्ष छह माह होती है, लेकिन निर्वाचन कार्यालय बांदा से 5 जनवरी 2015 को उन्हें दी गई प्रमाणित मतदाता सूची में उनकी उम्र 54 वर्ष दर्शाई गई है।
तीसरी अंधेरगर्दी यह है कि 9 जनवरी 2009 को जब उन्होंने विधान परिषद चुनाव में नामांकन के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय बांदा से मतदाता सूची की प्रति प्राप्त की थी उसमें उनकी आयु तब 50 वर्ष दर्ज थी यानि उसके हिसाब से अब आयु 56 वर्ष हुई। श्री सिद्दीकी ने कहा है कि उनकी वास्तविक जन्म तिथि 4 जून 1959 के अनुसार ही मतदाता सूची में उनकी आयु दर्ज की जाए।