बड़ोखर खुर्द गांव में अपने इलाज के लिए मदद मांगते हुए पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठी कैंसर पीड़ित फूला देवी को इलाज के लिए बसपा ने डेढ़ लाख रुपये नकद और पांच लाख रुपये विधायक निधि से दिए हैं।
इसी के साथ बसपा एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी ने जूस पिलाकर फूला देवी का अनशन खत्म करा दिया। फूला देवी को पिछले तीन वर्षों से लीवर में कैंसर है। आर्थिक मदद के लिए वह मुख्यमंत्री से मांग कर रही थी। उसका पुत्र सपा कार्यकर्ता भी है। सुनवाई न होने पर फूला बड़ोखर गांव में अपने घर पर ही 9 मार्च को आमरण अनशन पर बैठ गई।
उसे गांव का भरपूर सहयोग मिला और गांव की महिलाएं व पुरुष भी उसके साथ बैठ गए। शुक्रवार को यहां अपनी सास के चेहल्लुम की फातेहा में शामिल होने आए विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी को कई समाजसेवियों और ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दी। यह भी पता चला कि पांच दिन फूला देवी की हालत बिगड़ गई है।
श्री सिद्दीकी दोपहर को बड़ोखर गांव गए। उनके साथ उनकी पत्नी एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी, विधान परिषद सदस्य नौशाद अली, अतहर अली, अशोक जाटव, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, दिल्ली से आए बसपा नेता अनिल अमाना आदि भी थे। फूला देवी का पति कल्लू प्रसाद यादव फूटकर रो पड़ा। श्री सिद्दीकी उससे पूर्व से भी परिचित थे।
श्री सिद्दीकी ने कहा कि वह यहां कोई राजनीतिक बात नहीं करेंगे। पूरी तरह मानवीय आधार पर आए हैं। श्री सिद्दीकी ने एक लाख रुपये और उनके साथ आए अनिल अमाना ने 50 हजार रुपये फूला देवी को सौंपे। हुस्ना सिद्दीकी ने उसे समय अपनी निधि से फूला देवी के इलाज के लिए पांच लाख रुपये जारी करने का पत्र भी लिख दिया।
श्रीमती सिद्दीकी ने जूस पिलाकर फूला देवी का अनशन खत्म करा दिया। बुंदेलखंड नवनिर्माण सेना की ओर से रवि श्रीवास्तव ने बंद लिफाफे में कुछ राशि फूला को सौंपी।
इस अवसर पर भारी संख्या में गांव के लोग और महिलाएं तथा विद्याधाम समिति के राजाभइया, पूर्व प्राचार्य बाबूलाल गुप्ता भी उपस्थित थे। प्रगतिशील किसान और इसी गांव के बाशिंदे प्रेम सिंह ने बसपा नेताओं सहित सभी सहयोगियों का आभार जताया।
विधायक दलजीत ने भी दिए 50 हजार
कांग्रेस विधायक दलजीत सिंह ने भी फूला देवी को 50 हजार रुपये दिए। शुक्रवार को दोपहर संयोग से वह भी उसी समय पहुंचे जब बसपा नेता नसीमुद्दीन वहां पर थे।
बड़ोखर खुर्द गांव विधायक के निर्वाचन क्षेत्र तिंदवारी में नहीं है इसलिए वह निधि से मदद नहीं दे सकते। अपनी जेब से सहायता दी। विधायक ने अफसोस जताया कि फूला देवी का परिवार सपा से जुड़ा है, लेकिन सपा नेताओं से कोई मदद नहीं दी।
बांदा आए मुख्यमंत्री को भी जानकारी नहीं दी। उनके साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ल सहित संकटा प्रसाद त्रिपाठी और मीडिया प्रभारी केशवपाल भी थे।
सीएम के नजदीकी डॉ. यदु भी करेंगे मदद
बड़ोखर गांव के मूल निवासी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नजदीकी माने जाने वाले डॉ.यदु सिंह ने कहा है कि उन्हें फूला देवी की बीमारी और आमरण अनशन के बारे में किसी ने भी जानकारी नहीं दी। वह सिडनी में रहते हैं। हर वर्ष गांव आते हैं।
गांव में तमाम लोगों के पास उनका फोन नंबर है पर किसी ने नहीं बताया। ऐसा होता तो वह मुख्यमंत्री से बांदा में ही फूला देवी के मदद की घोषणा करा देते। उन्हें यह खबर शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ से मिली है। बोले, वह गांव की फूला के इलाज में जो बन पड़ेगा, पूरी मदद करेंगे। इलाज करने वाले डाक्टरों से संपर्क कर बात करेंगे।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को बांदा मेडिकल कॉलेज उद्घाटन समारोह में आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हेलीकाप्टर पर डॉ.यदु सिंह भी आए थे। मंच पर मुख्यमंत्री ने उन्हें सराहा। डॉ.यदु मुख्यमंत्री के साथ ही वापस लखनऊ चले गए। वहां से वह सिडनी जाएंगे।