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महिला संविदा कर्मियों और बीएसए में हाथापाई

Mon, 13 Jun 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के बाहर रोतीं टीचर। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। मानदेय अभिलेखों में हस्ताक्षर कराने आईं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की संविदा महिला लेखाकार और सहायक रसोइया की बीएसए से भिड़ंत हो गई। नौबत हाथापाई की आ गई। महिला कर्मियों का आरोप है कि बीएसए ने उनके सरकारी अभिलेख फाड़ डाले और अश्लीलता के साथ धौंस-धमकी दी। महिलाओं ने जमकर हंगामा मचाया। डीएम को अर्जी देकर कार्रवाई का अनुरोध किया है।
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घटना सोमवार को दोपहर की है। कमासिन में चल रहे कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की लेखाकार श्यामकली कुशवाहा और तिंदवारी विद्यालय की लेखाकार रश्मि तथा बड़ोखर खुर्द की सहायक रसोइया रीता व ऊषा सेन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से उनके कार्यालय में मिलीं। मार्च से बकाया मानदेय के अभिलेखों पर हस्ताक्षर करने को कहा। महिला कर्मियों का आरोप है कि बीएसए ने कहा कि संविदा का नवीनीकरण कराना है तो समझौता कर लो, वरना मानदेय के अभिलेखों में हस्ताक्षर नहीं करेंगे।

महिला कर्मियों ने आरोप लगाया कि बीएसए ने इनकी वेतन पंजिका और चेक बुक लेकर फाड़ दी। कहा कि जब संविदा समाप्त हो चुकी है तो किस बात का मानदेय? अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया। हाथापाई करने लगे। इस घटना के बाद इन महिला कर्मियों ने बाहर रो-रोकर आपबीती बताई। तमाशाइयों की भीड़ लग गई। बाद में महिला कर्मी डीएम और एसपी से मिलकर बीएसए के विरुद्ध कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज किए जाने की तहरीर दी।
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उधर, बीएसए ओपी त्रिपाठी ने बताया कि कार्य व्यवहार ठीक न होने से इन महिला कर्मियों की संविदा समाप्त कर दी गई है। इसके बाद भी दबाव बनाकर नवीनीकरण और भुगतान कराना चाहती हैं। उनके कार्यालय में आकर अभद्रता की।

बीएसए ने किसी भी तरह की मारपीट या महिलाओं के साथ कोई अभद्रता के आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उन्होंने इन महिलाओं से यह भी कहा था कि अपना प्रत्यावेदन डीएम को दे दें। उधर, देर शाम तक इस मामले की कोई रिपोर्ट दर्ज होने की खबर नहीं थी। कोतवाली प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि ऐसी कोई तहरीर नहीं मिली है।
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