बांदा। पंचायत चुनाव का पहला चरण छिटपुट घटनाओं को छोड़कर
खामोशी से निपट गया। ज्यादातर पोलिंग केंद्रों में पुलिस के पेड़ों तले
आराम करने, कुर्सियों में बैठकर ऊंघने या मोबाइल पर खेलने में व्यस्त रहने
के बावजूद मतदाताओं ने धैर्य दिखाते हुए शांतिपूर्वक मतदान किया।
दो
ब्लाकों के आठ डीडीसी और 196 बीडीसी सीटों के लिए मतदान हुआ। 10 बीडीसी
पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। बड़ोखर ब्लाक मेें 61 और महुआ ब्लाक
मेें 58 फीसदी वोट पड़े। देर शाम तक पुलिस सुरक्षा में लाई गई मतपेटियां
यहां राजादेवी इंटर कालेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम में रखाई गईं।
मतदान
सुबह 7 बजे शुरू हुआ। शुरुआती दौर में लगभग सभी गांवों में हर बूथ पर
मतदाताओं की लाइन लगी। महिला, पुरुष, बूढ़े, बीमार, पर्दानशीन बुर्काधारी
और घूंघट वाली महिलाएं इनमेें शामिल रहीं। दोपहर के बाद मौसम गरमाने के साथ
ही मतदान का ग्राफ ठंडा होने लगा।
अलबत्ता अंतिम समय में शाम को
फिर मतदान केंद्रों में मतदाताओं की कतार लगी। बड़ोखर ब्लाक के मुस्लिम
बाहुल्य गोयरा मुगली गांव मेें मतपत्र देने में गड़बड़ी कर रहे पीठासीन
अधिकारी से कुछ लोगों की नोकझोंक हुई। प्रधान मुबारक ने मामला शांत कराया।
गंछा गांव मेें पोलिंग स्टेशन में ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मी चारपाई पर
सोते रहे। होमगार्ड जवान मतदाताओं को संभाले रहे।
कहीं भी सख्ती
नजर नहीं आई। पुलिस और अधिकारी सभी ड्यूटी की रस्म अदा करते रहे। गनीमत यह
रही कि मतदाताओं और प्रत्याशियों व पोलिंग एजेंटों की सूझबूझ से कहीं कोई
बवाल नहीं हुआ। कई मतदान केंद्रों में मिड-डे मील के चूल्हे गरमाए रहे।
बच्चों
को दिए जाने वाले भोजन से आज का खाना ज्यादा लजीज था। यह खाना मतदान
कर्मियों को परोसा गया। निर्वाचन आयोग के आदेश थे कि मतदाता अपना निजी वाहन
भी पोलिंग स्टेशन से 100 मीटर दूर रोक देंगे, लेकिन खुरहंड गांव में स्कूल
परिसर के अंदर बूथ के नजदीक तक मतदाताओं की बाइकें फर्राटे भरती रहीं।
पड़ुई
गांव में पुलिस कर्मी व्हाटसएप चलाते रहे। कुछ पुलिस कर्मी गपशप में मशगूल
रहे। कमिश्नर एल वेंकटेश्वर लू, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, डीएम सुरेश
कुमार, एसपी आरपी पांडेय, एडीएम डीएस पांडेय, एएसपी आशुतोष शुक्ल, सिटी
मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव इत्यादि ने भी भ्रमण कर मतदान केंद्रों का
जायजा लिया।
शाम 5 बजे मतदान खत्म होने के बाद दोनों ब्लाकों के
186 डीडीसी और 861 बीडीसी प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई।
सील बंद मतपेटियों को स्ट्राग रूम में रखाया गया।
अतर्रा में दोपहर
2 बजे तक वार्ड 21 के पचोखर, गोखिया, बहेरी, बंडे, अनथुआ, गुमाई, नगनेधी,
रहूसत और वार्ड 18 के छिबांव, खुरहंड, जखनी, सौंता स्योढ़ा आदि में लगभग 30
प्रतिशत मतदान हुआ। बाद में शाम तक इन दोनों वार्डों में मतदान का प्रतिशत
50 से 65 तक पहुंच गया।
खुरहंड में दोनों बूथों पर 68 फीसदी वोट
पड़े। बड़ोखर बुजुर्ग प्रतिनिधि के मुताबिक बड़ोखर बुजुर्ग में 62, पडुई
में 60 और निवादा में 56 फीसदी मतदान हुआ। मटौंध प्रतिनिधि के मुताबिक
मटौंध क्षेत्र के गांवों में लगभग 60 फीसदी मतदान हुआ।