फोटो- 04 रेलवे स्टेशन में गाड़ियों के इंतजार में प्लेटफार्म पर बैठ यात्री। संवाद
बांदा। सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही घना कोहरा अब रेल यातायात पर भारी पड़ने लगा है। उत्तर भारत के कई रेलवे रूटों पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण ट्रेनों की रफ्तार थम गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिन बांदा होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से संचालित हुईं।
रेलवे से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुंबई एलटीटी रेलवे स्टेशन से चलकर सूबेदारगंज को जाने वाली सूबेदारगंज विशेष किराया एक्सप्रेस करीब 10 घंटे 20 मिनट की देरी से बांदा स्टेशन पहुंची। जबकि अहमदाबाद से चलकर प्रयागराज जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस लगभग 8 घंटे 20 मिनट देरी से आई। इसके अलावा दादर सेंट्रल से चलकर बलिया को जाने वाली डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे 12 मिनट लेट रही। वहीं हजरत निजामुद्दीन दिल्ली से चलकर जबलपुर को जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस दो घंटे 32 मिनट और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस चार घंटे 49 मिनट की देरी से बांदा रेलवे स्टेशन पहुंची।
लंबी देरी के कारण प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती रही और सर्दी में उन्हें घंटों गाड़ी का इंतजार करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि समय पर सूचना न मिलने से परेशानी और बढ़ जाती है। कई लोग लंबी दूरी की यात्रा पर थे, जिन्हें आगे की कनेक्टिंग ट्रेनों और बसों में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्टेशन प्रबंधक मनोज शिवहरे ने बताया कि घने कोहरे के चलते ट्रेनों को एहतियातन धीमी गति से चलाया जा रहा है। दृश्यता कम होने की स्थिति में लोको पायलटों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई सेक्शनों पर स्पीड लिमिट घटा दी गई है, जिसका सीधा असर ट्रेनों की समयबद्धता पर पड़ रहा है।