संशोधित मतदाता सूची का मतदाताओं को अवलोकन कराने के लिए आयोजित बूथ दिवस फ्लाप हो गया। मतदाताओं को इसकी जानकारी नहीं मिली।
नतीजतन
बूथों (स्कूलों) में बीएलओ और अन्य कर्मचारी दिन भर सन्नाटे में धूप का
लुत्फ उठाकर गपशप करते रहे। तमाम कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहे।
अक्तूबर
और नवंबर में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाए गए थे। अभियान में बढ़ाए
गए या संशोधित किए गए नाम मतदाता सूची में दर्ज हो गए हैं। निर्वाचन आयोग
ने जारी की गई इन संशोधित सूचियों को मतदाताओं को दिखाने के लिए 5 जनवरी
निर्धारित की थी।
मतदान केंद्रों में बीएलओ और अन्य कर्मचारी
संशोधित मतदाता सूची के साथ बैठाए गए लेकिन निर्वाचन विभाग या प्रशासन ने
इस बूथ दिवस का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया। ज्यादातर मतदाता अनजान
रहे। इसका नतीजा बूथों में साफ नजर आया। इक्का-दुक्का छोड़कर कहीं भी
मतदाता नहीं पहुंचे।
ड्यूटी पर लगाए गए बीएलओ और अन्य कर्मचारियों ने भी सन्नाटे में मौज-मस्ती की और कुर्सियां धूप में डालकर ठंड दूर की।
छत्रसाल
स्कूल में भाग संख्या-71 व 72 की सूची लेकर बैठे बीएलओ शिवबरन सिंह व मंजू
पटेल सन्नाटे में अखबार पढ़ते रहे। दोपहर तक कोई मतदाता नहीं आया। आदर्श
बजरंग इंटर कालेज में भाग 73 से 82 तक की मतदाता सूची उपलब्ध थी। यहां भी
सन्नाटा रहा।
बीएलओ शीला चौरसिया, मीरा साहू, लवकेश सिंह, आरिफ
हसन, गुरु प्रसाद और वेद प्रकाश उपस्थित थे। भाग संख्या 75 की निर्मला
कुशवाहा, 78 की अनुराधा शुक्ला, भाग-80 की रागिनी सिंह और भाग-82 की रेखा
गुप्ता बूथ पर नहीं मिलीं।
उधर, आर्य कन्या इंटर कालेज में भाग
संख्या 55 से 62 तक मतदाता सूची उपलब्ध थी। महिला बीएलओ धूप में बैठकर
हंसी-ठिठोली करती रहीं। मतदाता सूची और फार्म उनके पर्स से बाहर नहीं
निकले। यहां के पदाभिहित अधिकारी अरुण कुमार नहीं मिले।